राज्य सरकार किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को दोपहर करीब एक बजे सचिवालय में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दृष्टिगत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक निर्देश जारी कर आश्वासन दिया कि राज्य सरकार गहनता से स्थिति की निगरानी कर रही है। राज्य सरकार हर स्तर पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने राज्य के कुछ क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइलों का मलबा मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में पड़ोसी राज्यों के अनुरूप ही प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने राज्य के लोगों से सतर्क और सजग रहने का आह्वान किया।
दुश्मन देश की हर चुनौती का करेंगे सामना
सुक्खू ने कहा कि दुश्मन देश से जिस भी तरह की चुनौती रहेगी, सरकार उसके लिए तैयार है। इंदौरा और अन्य जगह दो-तीन शेल मिले हैं। डीजीपी और एडीजीपी भी आए थे। उनसे बात हुई है।
कुफरी के पर्यटन कारोबारियों ने सेना के लिए रक्तदान करने और पैसा भेजने का एलान किया
शिमला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी के पर्यटन कारोबारियों ने सामूहिक रूप से महासू पीक पर बैठक कर भारतीय सेना के लिए रक्तदान करने का फैसला लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम ठाकुर और महासचिव राहुल झीना ने बताया कि आपदा की इस घड़ी में कुफरी के पर्यटन कारोबारी भारतीय सेना के साथ हैं। हम सीमाओं पर नहीं जा सकते लेकिन सेना के लिए रक्तदान कर अपनी भूमिका निभाएंगे। सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए हम हर प्रयास करेंगे। कुफरी के सभी पर्यटन कारोबारी आपस में पैसे इक्कट्ठे कर भारतीय सेना के लिए भेजेंगे।
आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ की मांग, सिविल डिफेंस ट्रेनिंग दी जाए
हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने सरकार और प्रशासन से सोशल मीडिया के माध्यम से सिविल डिफेंस ट्रेनिंग देने की मांग की है। कहा कि जरूरत के समय हम देश के लिए बॉर्डर पर जाने और देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने को तैयार हैं।
ऊना जिले में ड्रोन उड़ाने और पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालातों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने क्षेत्र में जन सुरक्षा व कानून व्यवस्था की पालना को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। ऊना जिले में ड्रोन उड़ाने और पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 33 एवं 34 के अंतर्गत यह आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के मुताबिक ऊना जिले की सीमा में किसी भी प्रकार के ड्रोन, मानव रहित विमान (यूएवी), रिमोट नियंत्रित एयरक्राफ्ट या ड्रोन आधारित फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यदि किसी संस्था या व्यक्ति को विशेष अनुमति की आवश्यकता है तो इसके लिए उपायुक्त से पूर्व में लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। वहीं वर्तमान संवेदनशील सुरक्षा परिस्थिति को देखते हुए जिले में पटाखों के इस्तेमाल, बिक्री और विस्फोट पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह निर्णय किसी भी प्रकार की अफवाह, घबराहट या विस्फोट जैसी आवाजों की गलत व्याख्या को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री के फैसलों में पूरा विपक्ष साथ : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जब-जब देश पर और अपनी संस्कृति पर विपदा आई तब-तब देशवासी राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का त्याग करने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि भारत अनेक धर्मों की धरती है और यहां सभी धर्म मिलकर एकता और अखंडता का परिचय देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती हैं लेकिन जब देश में इस तरह की परिस्थितियां बनती हैं तो सब एकजुट होकर समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री भी जो फैसला ले रहे हैं, पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया में भ्रामक प्रचार से बचने का आग्रह किया। सुक्खू ने बताया कि केंद्र सरकार के हर निर्देश का प्रदेश में सख्ती से पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल से एक मेजर की शहादत हुई है। मैंने उनके पिता से बात की है, उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। राजकीय सम्मान से अंतिम यात्रा होगी, जिला उपायुक्त से इस बारे में बात की गई है।
प्रदेश में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स का पंजीकरण और प्रशिक्षण शुरू किया जाए: श्रीवास्तव
युद्ध जैसी स्थिति में हिमाचल प्रदेश में सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के पंजीकरण और प्रशिक्षण शुरू करने के लिए उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। मुख्य सचिव को भेजे पत्र में अजय श्रीवास्तव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भी दुश्मन के हवाई हमले का शिकार हो सकता है, क्योंकि यहां सेना की प्रशिक्षण कमान, कई बड़ी बिजली परियोजनाएं, बांध, दलाई लामा का निवास, कुछ औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान और राजभवन जैसे ऐतिहासिक महत्व के स्थान हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से मांग की कि सभी जिलाधीशों को स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थी संगठनों, धार्मिक एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक करके सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के पंजीकरण और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दें। जिला एवं सब डिवीजन स्तर पर युवाओं को युद्ध की स्थिति में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग की शपथ भी दिलाई जानी चाहिए।
राजभवन शिमला से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
राजभवन शिमला से शनिवार को सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में राजभवन में सर्वधर्म बैठक हुई। इसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विशेष तौर पर उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि पाकिस्तान की सेना आतंकियों के मारे जाने पर उनके जनाजे में शामिल होती है और दुख व्यक्त करती है। पाकिस्तान के मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयान देकर आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। इस दौरान सभी धर्म अनुयायी बोले कि सांप्रदायिक विघटन करने वाली कोई भी ताकत हमारी एकता को नहीं तोड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सीमा से सटे गांवों पर गोलाबारी की गई और मंदिर व गुरुद्वारों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि आतंकवाद ही पाकिस्तान का धर्म है। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में समरसता, एकजुटता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के लिए यह सर्वधर्म बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक का उद्देश्य है कि हम प्रदेशवासियों में एकजुटता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व एवं सौहार्द का संदेश दे सकें।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित युद्ध व नियंत्रण रेखा पर उकसाने व अतिक्रमण करने की चेष्टाओं पर पूरा देश एकमत होकर राष्ट्र के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करता है। उन्होंने सभी धर्म अनुयायियों से आग्रह किया कि देश में किसी प्रकार की सांप्रदायिक विघटन करने की पाकिस्तान की चेष्टाओं का खंडन किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसके प्रति हम सबको सचेत रहने की आवश्यकता है और आप लोगों के माध्यम से भी इस दिशा में जागरूक किया जाना चाहिए। बैठक में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता का परिचय देकर अपने विचार साझा किए। कुटलैडड़ के विधायक विवेक शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ओंकार शर्मा, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अजय यादव, आरट्रेक के सेना अधिकारी तथा प्रदेश सरकार के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।