कोरोना के चलते दो साल स्कूल बंद रहने से वह घर पर खुद को बंधा सा महसूस कर रहे थे। शहर में जल्द ही 5 से 12 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू होने वाला है। बच्चों को जागरूक में सामाजिक संस्थाएं और शहर के पार्षद अहम भूमिका निभा रहे हैं। संस्थाओं के सदस्य लोगों के घर-घर जाकर और पार्षद अपने वार्डों में बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
कोरोना टीकाकरण को लेकर बच्चों में खासा उत्साह है। शहर में तीसरी और चौथी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों का कहना है कि वह हर हाल में वैक्सीन लगवाएंगे बस स्कूल बंद नहीं होने चाहिए। कोरोना के चलते दो साल स्कूल बंद रहने से वह घर पर खुद को बंधा सा महसूस कर रहे थे। शहर में जल्द ही 5 से 12 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू होने वाला है। बच्चों को जागरूक में सामाजिक संस्थाएं और शहर के पार्षद अहम भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन
संस्थाओं के सदस्य लोगों के घर-घर जाकर और पार्षद अपने वार्डों में बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मुहिम चला रखी है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों से पूछा जा रहा है कि क्या आपने और बच्चों को वैक्सीन लगवाई है या नहीं अगर नहीं तो अभी लगवा लो। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण चल रहा है। अब पांच से 12 साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। बच्चे कह रहे हैं कि बड़ी दीदी और भाई की तरह अब वह भी वैक्सीन लगवाएंगे।
मैं भी लगवाऊंगी वैक्सीन : कौशल
लॉरेटो कान्वेंट स्कूल ताराहॉल की चौथी कक्षा की छात्रा हार्दिका कौशल ने कहा कि वह भी कोरोना वैक्सीन लगवाएगी, बस स्कूल बंद नहीं होने चाहिए। पहले भी महामारी से दो साल स्कूल बंद रहे। लेकिन अब ऐसा नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
टीकाकरण अभियान में लें भाग : नंदा
नगर निगम में नाभा वार्ड की पार्षद सिमी नंदा ने बताया कि महामारी से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पढ़ा है। युवा और बुुजुर्ग बीमारी की जद्द में आकर परेशान हुए हैं लेकिन अब सभी बच्चों को टीका लगवाकर अपने को सुरक्षित करना चाहिए।
सबसे पहले लगवाई वैक्सीन : राजपाल
वाल्मीकि सभा शिमला के पूर्व महासचिव राजपाल ने बताया कि 16 जनवरी 2021 को सबसे पहले उन्होंने वैक्सीन लगवाई। ऐसे में सभी अभिभावक निसंकोच होकर अपने बच्चों का टीकाकरण करवाएं ताकि वह नए वैरियंट से सुरक्षित हों।