संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कोरोना काल ने स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की बढ़ाई को रोचक बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों और संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे बच्चे भी पढ़ाई की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बच्चे यहां पर ज्यादा समय बिताना पसंद कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र खुलने से बच्चे तनाव मुक्त हुए हैं।
जिला मुख्यालय स्थित आंगनबाड़ी केंद्र शीशामाटी का निरीक्षण करने पर पाया गया कि छोटे बच्चे खिलौने से खेलने के अलावा अपने सहपाठियों के साथ मातृ भाषा हिंदी को सीखने का प्रयास कर रहे थे। जिले में नौनिहालों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आधुनिक बनाया गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रों में नौनिहालों के लिए शिक्षा समेत खेल गतिविधियां करवाई जा रही हैं। दो साल बाद स्कूलों की तरह ही नौनिहालों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं, जिनमें बच्चे पढ़ाई के साथ मस्ती भी कर रहे हैं। बता दें कि डिजिटल पढ़ाई समेत खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध होने से नौनिहाल घर की बजाय आंगनबाड़ी केंद्र में अधिक समय बिताना पसंद कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में इस तरह से बदलाव किए गए हैं कि उनमें नौनिहालों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाए। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर संसाधन मुहैया करवाएं गए हैं। इससे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई भी कर रहे हैं। छोटे बच्चों का पढ़ाई और खेल में मन लगा हुआ है। खेल की गतिविधियों से नौनिहालों का संपूर्ण शारीरिक विकास भी होगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में ये हैं सुविधाएं
जिला कुल्लू के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया गया है। इनमें बच्चों को अप्रैन झूले, कुर्सियां, खिलौने उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अलावा नौनिहालों के लिए अच्छे शौचालय की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। दीवारों पर अलग-अलग कलाकृतियां बनाई गई हैं, जो बच्चों को आकर्षित कर रही हैं।
पढ़ने के साथ उठना-बैठना सीख रहे बच्चे
अभिभावक सूमदेई ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को हर एक सुविधा मिल रही है। पढ़ाई के अलावा बच्चे उठना-सीख रहे हैं। खेल गतिविधियां निरंतर होने से बच्चों का सर्वांगीण विकास भी होगा।
एक-दूसरे से घुल मिल गए बच्चे
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा ने कहा कि जब आंगनबाड़ी केंद्र खुले तो बच्चों को समझाना मुश्किल भरा रहा, लेकिन अब बच्चे एक-दूसरे के साथ घूल-मिल गए हैं। खेल-खेल में बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर रहे हैं।
जिले में हैं 1095 आंगनबाड़ी केंद्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चंद रेस्टा ने कहा कि जिले के 1095 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को हर सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 30913 नौनिहाल पंजीकृत हैं, जिन्हें शिक्षित किया जा रहा है।
कुल्लू के लोअर विग स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में खेलते बच्चे। -संवाद- फोटो : Kullu