उच्च शिक्षा निदेशालय की जांच कमेटी ने मौके पर जाकर खराब बोतलों की जगह विद्यार्थियों को ठीक बोतलें दिलवा दी हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए बोतलों की सप्लाई कर रही कंपनी को भविष्य में खराब सामान नहीं देने की चेतावनी दी गई है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकारी स्कूलों में बांटी गई पानी की टूटी-फूटी छह स्टील बोतलों को बदलवा दिया गया है। बलद्वाड़ा ब्लॉक में सप्लाई हुई बोतलों की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। कई बच्चों को इस तरह की बोतलें बांट दी गई थी। उच्च शिक्षा निदेशालय की जांच कमेटी ने मौके पर जाकर खराब बोतलों की जगह विद्यार्थियों को ठीक बोतलें दिलवा दी हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए बोतलों की सप्लाई कर रही कंपनी को भविष्य में खराब सामान नहीं देने की चेतावनी दी गई है। जिला के अन्य विद्यार्थियों से भी टूटी-फूटी बोतलें बदलवाने को स्कूल प्रिंसिपलों से संपर्क करने की अपील की गई है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आए उच्च शिक्षा निदेशालय ने संयुक्त निदेशक अशीथ कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर मंडी भेजी थी। शुक्रवार को जांच टीम शिमला लौट आई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा को सौंपी जांच रिपोर्ट में बताया है कि दो दिनों तक हुई जांच के दौरान विद्यार्थियों को दी गई छह स्टील बोतलें टूटी-फूटी मिली। विद्यार्थियों से वापस लेकर इन बोतलों को बदल कर ठीक बोतलें उन्हें दे दी गई। खराब बोतलों की सप्लाई करने वाली कंपनी को चेतावनी देकर भविष्य में सचेत रहने को कहा है। अमर उजाला में चार जनवरी को मंडी जिला में टूटी-फूटी बोतलें विद्यार्थियों को देने की खबर प्रकाशित की थी। इस पर हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति ने उच्च शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट मांगी है। इसी कड़ी में निदेशालय ने एक कमेटी का गठन कर जांच करवाई है। अब जांच रिपोर्ट से हाईकोर्ट को अवगत करवाया जाएगा।