हिमाचल प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2023 तक हिमाचल में पंजीकृत बेरोजगार की संख्या 7,44,771 थी। कांगड़ा में सबसे अधिक 1,57,405 और लाहौल-स्पिति में सबसे कम 5,013 पंजीकृत बेरोजगार हैं। रोजगार न मिलने से प्रदेश में बेरोजगारों की फौज खड़ी होती जा रही है। बेरोजगारों का यह आंकड़ा सरकारी कार्यालयों में रोजगार के लिए नाम दर्ज करवाने वाला का ही है। कई ऐसे युवा भी हैं, जिन्होंने अपने नाम दर्ज नहीं करवाए हैं और निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इस बार होने जा रहे लोकसभा चुनावों में बेरोजगारी फिर बड़ा मुद्दा है।
नौकरी के लिए करना पड़ रहा बाहर का रुख
हिमाचल में अधिकतर युवा पढ़ाई और नौकरी के लिए बाहरी राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश में रोजगार के सीमित साधन होना बड़ी समस्या है। हालांकि, पर्यटन कारोबार एक विकल्प है, लेकिन इसमें भी पेशेवरों की अधिक मांग है। हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र भी काफी कम है। सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में बड़ी संख्या में उद्योग हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में कम संख्या में छोटे उद्योग ही स्थापित हैं।
ऐसे बढ़ी बेरोजगारी
साल दर
2020-21 3.3%
2021-22 4.0%
2022-23 4.4%
22,593 युवाओं को वर्ष 2023-24 में 1000 से 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता
68,130 युवाओं को दिसंबर 2023 तक मिला कौशल विकास भत्ता
सुक्खू सरकार ने युवाओं के लिए की हैं ये घोषणाएं
युवाओं को 5 लाख रोजगार देने की गारंटी के साथ सत्ता में आई कांग्रेस ने राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के पहले चरण में 500 ई-टैक्सी परमिट जारी करने का एलान किया है। वहीं, दूसरे चरण में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की बात कही है।
कौशल और बेरोजगारी भत्तों से भी राहत दिलाने का प्रयास
प्रदेश सरकार युवाओं को 1000 और 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दे रही है। 2023-24 में 22,593 युवाओं को 19.34 करोड़ रुपये बेरोजगारी भत्ते के रूप में दिए गए। वहीं, कौशल विकास भत्ते के रूप में 29.7 करोड़ रुपये 68,130 युवाओं को दिए गए।