हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एमए इंग्लिश तृतीय सेमेस्टर के घोषित परिणाम में विद्यार्थियों को एक समान अंक देकर फेल होने के मामले पर बवाल हुआ। जिसके बाद विवि कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक की अध्यक्षता में मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित की है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की नवंबर में हुई स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स में एमए इंग्लिश तृतीय सेमेस्टर के घोषित परिणाम में विद्यार्थियों को एक समान अंक देकर फेल होने के मामले पर हुए बवाल के बाद विवि कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक की अध्यक्षता में मामले की जांच को कमेटी गठित की है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी पूरे मामले से जुड़े हर पहलु की आरोपों को ध्यान में रखकर जांच करेगी। कमेटी जल्द प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा को जांच रिपोर्ट देगी।
जांच कमेटी में विवि परीक्षा नियंत्रक के अलावा प्रोग्रामर पीजी, विभागाध्यक्ष एमए इंग्लिश एचपीयू सदस्य और सहायक कुलसचिव इवेल्यूएशन सदस्य सचिव होंगे। यह कमेटी पता लगाएगी कि कैसे विद्यार्थियों के एक साथ एक समान अंक आए, इसमें ईआरपी सिस्टम के कारण एक समान अंक आए, या फिर मूल्यांकन में कहीं कोई फर्क रहा है। इसको लेकर कमेटी मूल्यांकन कर्ता से भी सवाल कर सकती है। विभागाध्यक्ष भी इसमें बतौर विषय विशेषज्ञ तथ्य उजागर कर सकते हैं।
जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही विवि कुलपति प्रो. एसपी बसंल पूरे मामले पर फैसला लेंगे। 26 अप्रैल को संजौली, रामपुर और एचपीयू परिसर के इंग्लिश विभाग के विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल परीक्षा नियंत्रक से मिला था। मॉर्डन ब्रिटिश ड्रामा विषय कोड 303 की परीक्षा के मूल्यांकन पर यह सवाल उठाए गए थे। एमए के हर विषय की परीक्षा में थियोरी में पास होने के लिए न्यूनतम 32 और अधिकतम 80 अंक होना अनिवार्य होता है। एक समान अंक दिए जाने के प्रमाण के रूप में पेश की गई अंक तालिकाओं के आधार कमेटी जांच करेगी।