बाद में स्टाफ सदस्यों ने बेटी होने की बात कहकर बेटे की जगह बेटी हाथों में थमा दी। परिजनों की ओर से हो-हल्ला करने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। परिजन इस मामले में डीएनए की मांग पर अड़े हैं। इस मामले की शिकायत नवजात के पिता कुशल सिंह ने गुन्नूघाट पुलिस को दी है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार संगीता की डिलिवरी के समय दो अन्य डिलिवरी भी हुईं, जिसमें दो बेटियों व एक बेटे को उनकी माताओं ने जन्म दिया।
हालांकि, परिजनों के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा डीएनए के बाद ही हो पाएगा। संगीता के पति कुशल सिंह ने बताया कि डिलिवरी के बाद उन्हें बेटा होने की सूचना दी गई थी। थोड़ी देर बाद बताया गया कि उनके पास बेटा नहीं बेटी हुई है। मामले की जांच की जानी चाहिए।
संगीता की सास का आरोप है कि डिलिवरी के बाद उन्हें यह बताया गया कि बेटा हुआ है और उनकी गोद में नवजात को थमा दिया। कुछ ही देर बाद उनसे नवजात बेटे को फुट प्रिंट लेने के बहाने ले गए और बाद में उन्हें बेटी थमाई गई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीएनए जांच होनी चाहिए। फिर चाहे बेटी हो या बेटा, उन्हें अपना खून चाहिए।
शिकायत नहीं मिली है। फिर भी अपने स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। हो सकता है कि डिलिवरी के दौरान नर्सिंग स्टूडेंट ने गलत जानकारी दी हो। डिलिवरी के दौरान दूसरे परिजन भी डिलिवरी रूम के बाहर थे। ये मामला मिस कम्युनिकेशन का है। - डॉ. डीडी शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कालेज नाहन
गुन्नूघाट चौकी में कुशल सिंह की ओर से शिकायत मिली है। परिजनों की मांग के अनुसार डीएनए कराया जाएगा। पुलिस अस्पताल में लगे कैमरे की फुटेज से भी जानकारी ले रही है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है। - वीरेंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर