फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले शहर में लगे कचरे के ढेर, हाइवे पर फैल रही गंदगी

विज्ञापन
विज्ञापन
भट्ठाकुफर और लोअर पंथाघाटी समेत कई उपनगरों में फैला है कचरा, पार्षदों ने सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
विज्ञापन

नगर निगम कर रहा स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी कर रहे शिमला शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। गलियों, रास्तों से लेकर हाइवे तक पर कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के नगर निगम के दावों की भी पोल खुल गई है।

शहर के भट्ठाकुफर में एनएच किनारे कई दिन से कचरा पड़ा है। यहां नगर निगम ने जालीनुमा कूड़ेदान भी लगाया है लेकिन इसके बाहर ही सड़क पर कचरा फेंका जा रहा है। वार्ड पार्षद नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि कूड़ेदान के बाहर कचरे के ढेर लगे हैं। इसे नगर निगम ने नहीं उठाया है। इस क्षेत्र में नगर निगम के कर्मचारी रोज सुबह घरों से कूड़ा तो उठाते हैं लेकिन निगम की गाड़ियां इस कचरे को उठाने के लिए समय पर नहीं पहुंच रही है। इसके अलावा आसपास की पंचायतों के लोग भी इस जगह पर कचरा फेंक रहे हैं। पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में हाइवे पर कचरे के ढेर देखकर सैलानी भी हैरान हो रहे हैं। इससे शिमला शहर कैसे देशभर के स्वच्छ शहरों से प्रतिस्पर्धा करेगा, इस पर बड़ा सवाल है। मंगलवार को लोअर पंथाघाटी में भी शोघी मैहली बाईपास पर कचरे के ढेर लगे रहे। उधर कृष्णानगर में भी निगम के ज्यादातर नाले कचरे से भरे पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




टॉप 300 शहरों की सूची से भी बाहर है शिमला
शिमला शहर देश भर के टॉप 300 स्वच्छ शहरों की सूची से भी बाहर है। बीते साल की स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में शिमला को 347वां रैंक मिला है। नगर निगम शहरवासियों को सर्वेक्षण में सहयोग देने की अपील तो कर रहा है लेकिन उपनगरों की सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहा। पार्षदों का कहना है कि वार्डाें से सुबह ही कचरा उठना चाहिए। दिन के समय बंदर और कुत्ते इसे बिखेर रहे हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि वार्डाें में सफाई को लेकर दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें