कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर हाइड्रोपोनिक खेती शुरू की जाएगी।
इससे जहां किसानों को पानी की खपत की समस्या नहीं रहेगी। वहीं, इससे फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। डॉ. मारकंडा ने इस विषय पर सिरमौर हाइड्रो ग्रीन्स के मालिक विक्रम सिंह को सचिवालय बुलाया था।
बैठक के बाद कृषि मंत्री ने हिमाचल में यह खेती शुरू करने का फैसला लिया है। लाहौल और स्पीति से शुरू होने वाली इस योजना से न केवल पानी में कमी के मुद्दे को हल किया जाएगा। बल्कि वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि हाइड्रोपोनिक खेती लाहौल और स्पीति से छोटे पैमाने पर शुरू की जाएगी और धीरे-धीरे हिमाचल के दूसरे हिस्सों में भी यह खेती शुरू की जाएगी। हाइड्रोपोनिक खेती केवल बहते पानी और नारियल के छिलकों पर की जाती है।