हिमाचल में हादसे रोकने और लोगों का सफर सुहाना हो, इसको लेकर प्रदेश सरकार ने टास्क फोर्स गठित की है। इसमें चेयरमैन समेत 14 अफसरों की कमेटी गठित की गई है। मुख्य सचिव विनीत चौधरी कमेटी के चेयरमैन होंगे, जबकि पुलिस, लोक निर्माण विभाग, ट्रांसपोर्ट और अन्य विभागों के अफसर इसमें सदस्य होंगे। 31 जुलाई तक यह कमेटी नीति आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की है।
कमेटी हिमाचल की तंग सड़कों, वाटरवेज, शहरों को सड़क से जोड़ना, रेल मार्ग आदि पर अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। हिमाचल में सड़कों की हालत दयनीय है। आए दिनों इन सड़कों पर हादसे होते रहते हैं। क्रैश बैरियर न होने से हिमाचल में कई जानें जा चुकी हैं।
बीते पांच महीनों में सड़क हादसों में करीब 250 लोगों की जाने गई हैं, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। हिमाचल में हर महीने सैकड़ों नए वाहन पहुंचते हैं। इन वाहनों को खड़ा करने के लिए सरकार के पास पार्किंग का भी अभाव है। यह कमेटी इन सभी बिंदुओं पर गौर करते हुए व्यवस्था करेगी।
यह होंगे टास्क फोर्स के सदस्य- परिवहन विभाग के प्रधान सचिव जगदीश चंद्र शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक मुख्य सचिव कमेटी के चेयरमैन होंगे। जबकि, शहरी विकास विभाग के एसीएस, अतिरिक्त मुख्य सचिव (लोनिवि), एसीएस पर्यटन, एसीएस ऊर्जा, प्रधान सचिव उद्योग, प्रधान सचिव पर्यावरण, प्रधान सचिव परिवहन, एमडी परिवहन, निदेशक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मंडी और निदेशक परिवहन को सदस्य बनाया गया है।