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Agriculture News: कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह- जून के पहले हफ्ते तक कर सकते हैं धान नर्सरी की बिजाई

Fri, 07 Jun 2024 07:33 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा)।

सार

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए सलाह जारी की है। कृषि विवि के कृषि विशेषज्ञों की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि जहां धान की नर्सरी की बिजाई नहीं हुई है, वहां जून के पहले सप्ताह तक नर्सरी बिजाई की जा सकती है।
 
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धान - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश कृषि विवि के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए जून के पहले पखवाड़े में फसलों और सब्जियों को लेकर सलाह जारी की है, ताकि किसान समय पर अपनी फसलों में बुआई और अन्य कार्य कर सकें। कृषि विवि के कृषि विशेषज्ञों की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि जहां धान की नर्सरी की बिजाई नहीं हुई है, वहां जून के पहले सप्ताह तक नर्सरी बिजाई की जा सकती है। नर्सरी बिजाई से पहले बीज को बैविस्टिन 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम से उपचार कर लें। धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए ऑक्साडाईजोन (रोनस्टार) 3 लीटर हेक्टेयर या ब्यूटाक्लोर (मैचटी) 3 लीटर/ हेक्टेयर का छिड़काव 800 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 48 घंटों के भीतर करें।

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शुष्क विधि द्वारा लगाई गई नर्सरी में खरपतवारों के नियंत्रण के लिए ब्यूटाक्लोर (मचैटी) का 1.5 लीटर हेक्टेयर बिजाई के दो दिन बाद छिड़काव करें। घास प्रजाति के खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बाइस्पाईरीबैक 10 ईसी (नोमनीगोल्ड) 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर सीधे बिजाई और रोपाई के 25 से 30 दिन पर छिड़काव करें। रोपाई वाले धान में प्रभावी खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के चार दिन बाद सेफनर के साथ प्रीटिलाक्लोर 800 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। अधिक कीमत वाले संकर धान (एचआरआई.-152) की खेती के लिए विशेषकर उपयोगी है।

इसमें 15-18 दिन की नर्सरी की रोपाई की जाती है। रोपाई जून के दूसरे पखवाड़े में की जाती है। उखाड़ी गई पनीरी की रोपाई एक घंटे के अंदर ही की जानी चाहिए। कतार और पौधे की आपस में दूरी 20 सेंटीमीटर रखते हुए एक स्थान पर एक ही पौधा लगाया जाता है। पौध रोपाई करते समय जड़ सीधी रखें। खेत में रोपाई के बाद दो से तीन सेंटीमीटर पानी पांच दिन तक खड़ा रहना चाहिए। मक्की की अधिक पैदावार के लिए कतार की दूरी 60 सेंटीमीटर और पौधे की दूरी 20 सेंटीमीटर अंतर रखना चाहिए। एक हेक्टेयर बिजाई के लिए 20 किलोग्राम बीज पर्याप्त है। मक्का की फसल में सभी प्रकार के खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बुवाई के 20 दिन बाद टेम्बोट्रियोन 120 ग्राम प्रति हेक्टेयर सर्फेक्टेंट के साथ का छिड़काव करें।
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निचले मध्यवर्ती क्षेत्रों में करें अदरक और हल्दी की बिजाई
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के निचले एवं मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में अदरक, हल्दी, कचालू (अरबी) और जिमीकंद की बिजाई का उचित समय चल रहा है। बिजाई के लिए अदरक की उन्नत किस्म हिमगिरी, सोलन गिरी गगा, हल्दी की पालम पीतांबर, पालम लालिमा, कचालू (अरबी की स्थानीय किस्में) और जिमीकंद की अधिक पैदावार देने वाली सुधरी किस्मों जैसे जिमींकंद (पालम जिमींकन्द-1) का चयन करें। मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भिंडी की सुधरी प्रजातियों जैसे हिम पालम भिंडी-1, सोलन अधिराज, पालम कोमल, पी-8, अर्का अनामिका, परवनी क्रांति और संकर पंचाली की बिजाई करें।
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