मजदूर संगठनों-किसानों का डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
संगठनों ने नाज चौक तक निकाली रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मजदूर संगठन सीटू और किसान सभा ने सोमवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच तथा संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। शाम पौने चार बजे शुरू हुए प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में किसान इकट्ठे हुए थे। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नाज चौक तक रैली निकाली गई।
प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के राज्य महासचिव डॉ. ओंकार शाद, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कोविड महामारी को केंद्र की मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के लिए लूट के अवसर में तब्दील किया। बताया कि कोरोनाकाल में किसान विरोधी तीन कृषि कानून, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, बिजली विधेयक 2020 सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण के अलावा भारी बेरोजगारी इसके प्रमुख उदाहरण हैं। कहा कि सरकार के यह कदम मजदूर, किसान, कर्मचारी, महिला, युवा, छात्र और दलित विरोधी हैं। जनवादी महिला समिति राज्य महासचिव फालमा चौहान ने बताया कि दो वर्षों में लगभग पंद्रह करोड़ मजदूर रोजगार से वंचित हो चुके हैं। पांच हजार से ज्यादा कारखानों में कार्यरत साढ़े तीन लाख मजदूरों से बारह घंटे काम लिया जा रहा है। बताया कि जनता भारी महंगाई से त्रस्त है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बेलगाम कीमतों से जनता का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि यहीं वजह है कि केंद्र की नीतियों के खिलाफ आज हिमाचल प्रदेश के जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके भारत बचाओ दिवस मनाया। प्रदर्शन में डॉ. ओंकार शाद, विजेंद्र मेहरा, संजय चौहान, फालमा चौहान, जगत राम, बलबीर पराशर, बाबू राम, दिनित देंटा, अमित ठाकुर, सोनिया सबरवाल, कलावती, रमाकांत मिश्रा, बालक राम, विनोद बिरसांटा, किशोरी ढट वालिया, रमन थारटा, बंटी ठाकुर, विवेक राज, नेहा, दलीप सिंह, विरेंद्र, लाल, नोख राम, मदन लाल, राम सिंह, रामप्रकाश व रंजीव कुठियाला शामिल मौजूद रहे।