पन्नू की धमकी के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सुरक्षा के लिए कमांडो बढ़ा दिए गए हैं। शनिवार को सोलन जिला के नालागढ़ में मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पंजाब सीमा पर दभोटा बैरियर को सात घंटे तक सील रखा गया।
अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकी के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सुरक्षा के लिए कमांडो बढ़ा दिए गए हैं। शनिवार को सोलन जिला के नालागढ़ में मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पंजाब सीमा पर दभोटा बैरियर को सात घंटे तक सील रखा गया। नालागढ़ से पंजेहरा तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
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मेटल डिटेक्टर से होकर ही लोग मुख्यमंत्री के जनसभा स्थल में प्रवेश कर पाए। वहीं, हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा ने पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू को मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। सुरक्षा के बारे में किए प्रबंधों पर अनुपालना रिपोर्ट हलफनामे के माध्यम से देने के लिए भी कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने नालागढ़ में एक शिलान्यास और 21 उद्घाटन किए। उसके बाद नालागढ़ से 20 किमी दूर पंजेहरा के सोबन माजरा में जनसभा की। यहां सुरक्षा की दृष्टि से सभा स्थल को चारों ओर से शामियाना से बंद किया गया और उसके बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया। एसपी मोहित चावला ने बताया कि बॉर्डर एरिया को सील किया गया था। इस बार सीएम की सुरक्षा के लिए कमांडो अधिक संख्या में दिए गए हैं।
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खालिस्तान के झंडे फहराने की चेतावनी
पन्नू ने 29 अप्रैल को शिमला में खालिस्तान के झंडे फहराने की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि संबंधित तथ्य मानवाधिकार अधिनियम 1993 की प्रथमदृष्टया अवमानना है। इस बारे में एक शिकायत जांच के लिए दाखिल हुई है।