राजस्व,बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी
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राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ की मांगों पर नवंबर में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारियों को तंग करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। नेगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह है कि आम जनता के काम समय पर हों। हिमाचल संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के पदाधिकारियों से उनकी मांगों को लेकर चर्चा के बाद पत्रकारों से मंत्री ने यह बात कही। उनके आश्वासन के बाद महासंघ ने आंदोलन टाल दिया है। कानूनगो और पटवारी रिक्त पदों को भरने, राजस्व संशोधन अधिनियम में समय अवधि में छूट दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
नेगी ने कहा कि राजस्व संशोधन अधिनियम के तहत लोगों के जमीन की नपाई और विभाजन निर्धारित समय पर करनी होगी। ऐसे में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी समय पर काम नहीं करता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसमें कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को समय सीमा के दायरे में बांधा गया है। उन्होंने कहा कि अभी नियमों का बनना बाकी है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर आधुनिक उपकरणों की कमी को देखते हुए लैपटाॅप भी दिए हैं। महासंघ के अध्यक्ष सतीश चौधरी ने मंत्री का आभार जताया है।
पटवारियों के भरेंगे 800 पद
मंत्री ने कहा कि पटवारियों के 800 पद भरने को मंजूरी मिली है। इसके अलावा नियमों में छूट देकर पटवारी से कानूनगो बनाए जाएंगे, ताकि 180 के करीब कानूनगो की कमी को दूर किया जा सके। आपदा प्रभावितों को 2 से 3 बिस्वा जमीन देने के लिए आय की शर्त को हटाया गया है। इसके अलावा जिन जिलों में भूमि उपलब्ध नहीं है। फारेस्ट क्लीयरेंस में छूट देने संबंधी मामला केंद्र सरकार से उठाया गया है। जिला परिषद कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि एक वर्ग के हड़ताल पर जाने से सरकार का काम बंद नहीं होता। सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कर रही है।