हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल की सौ मेगावाट की ऊहल तृतीय पन विद्युत परियोजना की कमीशनिंग लगभग 22 साल के लंबे इंतजार के बाद पूरी हो गई है। अब यह प्रोजेक्ट उत्तर भारत के सात राज्यों को रोशन करेगा। प्रतिदिन 12 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन होने से 35 करोड़ की आमदनी हो रही है। पानी की आवक बढ़ने से इन दिनों 50 मेगावाट से अधिक का उत्पादन हो रहा है। देश और प्रदेश के चार बड़े लोड डिस्पेच सेंटर में बिजली आपूर्ति शुरू होते ही हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड राज्य भी ऊहल तृतीय पन विद्युत प्रोजेक्ट से रोशन होंगे।