हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल नूरपुर के तहत हिमाचल के प्रवेश द्वार कंडवाल में रविवार से चक्की पुल भारी वाहनों के लिए खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। 20 अक्तूबर को चक्की खड्ड पर बना रेलवे ब्रिज टूटा था, तब से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पुल बंद होने से गरीब मजदूर, दिहाड़ीदार, नौकरीपेशा, स्कूल-कॉलेज व पठानकोट के शिक्षण संस्थानों में जाकर शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को एनएचएआई की टीम ने चक्की पुल का निरीक्षण किया और एनएचएआई के परियोजना निदेशक कर्नल अनिल सेन ने चक्की पुल को बड़े वाहनों के लिए खोलने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी। प्रशासन ने एनएचएआई की रिपोर्ट पर पुल को रविवार सुबह छह बजे भारी वाहनों के लिए खोल दिया।
एसडीएम अनिल भारद्वाज ने बताया कि रविवार सुबह छह बजे चक्की पर भारी वाहनों के लिए खोल दिया गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक कर्नल अनिल सेन ने बताया कि पिलरों की सुरक्षा के लिए क्रेट लगाने का काम जारी है। पुल पूरी तरह से सुरक्षित हैं। वहीं इस बारे में कुछ लोगों से बताया कि उन्हें काफी राहत मिली है। रविवार को 20 रुपये किराया देकर अपने काम पर पहुंचे। इससे पहले हमें पैदल चलकर जाना पड़ता था या फिर बस में वाया ढांगू होकर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा था। वहीं अब बड़े वाहनों के लिए भी पुल खुल जाने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली है।
कब क्या हुआ
चक्की पुल में बाढ़ आने से पुल के दो पिलर खतरे की जद मेें आ गए थे। एनएचएआई ने 25 अगस्त को तुरंत चक्की पुल पर यातायात बंद करने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी थी। प्रशासन ने चक्की पुल पर यातायात बंद कर वाया लोधवां डायवर्ट कर दिया था। एनएचएआई की टीम सेना की मदद से पुल के पिलरों को बचाने में जुट गई। मशीनों के साथ पानी का बहाव मोड़ने का काम शुरू हुआ। पानी का बहाव मोड़ने के बाद एनएचएआई पिलरों की सुरक्षा में जुट गई। एनएचएआई ने 11 सितंबर को चक्की पुल का निरीक्षण किया। पुल को 12 सितंबर से हल्के यात्री वाहनों के लिए खोल दिया। उम्मीद की जा रही थी कि चक्की पुल जल्द ही भारी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। रविवार सुबह लंबे अंतराल के बाद चक्की पुल को भारी वाहनों के लिए खोल दिया गया।