निर्माण कार्य के बाद पास हो रहे सामुदायिक भवन, कैफे के नक्शे
टुटीकंडी में बन रहे सामुदायिक भवन का आठ महीने पहले शुरू हो चुका काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में अमृत और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए जा रहे कई निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गए हैं। महीनों पहले जिस सामुदायिक भवन और बुक कैफे के निर्माण का काम शुरू हो चुका है, उनके नक्शे अब पास किए जा रहे हैं। मौके पर काम लगभग पूरा होने के बाद इनके नक्शों को मंजूरी दी गई।
शहर के कई वार्डों में नक्शे से पहले हो रहे निर्माण कार्यों पर अब निगम के अपने पार्षदों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। टुटीकंडी वार्ड में जंगली ग्राउंड के पास अमृत मिशन के 1.30 करोड़ रुपये से सामुदायिक भवन बनाया जा रहा है। इसी साल मार्च-अप्रैल में इसका काम शुरू किया था। अब तक मौके पर दो लेंटर डाले जा चुके हैं। लेकिन इस भवन का नक्शा बीते हफ्ते नगर निगम की हाउस प्लानिंग अप्रूवल कमेटी की बैठक बुलाकर पास किया गया। इसी तरह चौड़ा मैदान में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बुक कैफे तैयार हो रहा है। रोपवे अथॉरिटी इसका काम कर रही है। मौके पर यह प्रोजेक्ट भी लगभग तैयार है, लेकिन नक्शा अब पास किया है। शहर में बन रहे यह दोनों प्रोजेक्ट आम जनता के फायदे के लिए हैं। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या नियम कानून सिर्फ आम जनता के लिए ही है, नगर निगम खुद इन्हें क्यों नहीं मानता। बिना नक्शों के निर्माण कार्य होने पर सवाल उठने लगे तो नगर निगम अधिकारियों ने बुधवार को कनिष्ठ अभियंताओं की बैठक बुलाकर बिना नक्शे के काम न करने के निर्देश जारी कर दिए।
शहरवासियों को काटने पड़ते हैं चक्कर
नगर निगम के नियमों के अनुसार शहर में किसी भी भवन का निर्माण करने से पहले उसका नक्शा पास करवाना अनिवार्य है। निगम की एपी शाखा में नक्शे संबंधी आवेदन आनलाइन जमा करवाने पड़ते हैं। शहरवासियों को आवेदन के साथ कूड़ा, टैक्स, लीज आदि समेत कई तरह की एनओसी भी देनी पड़ती है जिसके लिए एक से दूसरी शाखा में चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद आवेदन पूरा माना जाता है। इस पर एचपीएसी की बैठक में चर्चा होती है और फिर मंजूरी मिलती है।
पार्षद बोले, औपचारिकताएं
पूरा करना निगम का काम
टुटीकंडी वार्ड पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि अमृत मिशन से बन रहे सामुदायिक भवन का शिलान्यास साल 2017 में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने किया था। लेकिन निगम ने इस काम में तेजी नहीं दिखाई। नक्शे पास करने जैसी प्रक्रिया पहले होनी चाहिए। यह देखना निगम का काम है। अभी भी मौके पर काम सुस्त है। इसमें तेजी लाई जाए। यह वार्ड के लोगों के फायदे का प्रोजेक्ट है।