शिमला। विशेष अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दो युवकों को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने के लिए आवश्यक ठोस गवाही और पर्याप्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा। पुलिस भी प्रतिबंधित पदार्थ की कथित बरामदगी, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रही।
पहला मामला 26 फरवरी 2021 को बालुगंज थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। पुलिस की डिटेक्शन सेल छोटा शिमला, संजौली, लक्कड़ बाजार और विक्ट्री टनल क्षेत्र में गश्त पर थी। पुलिस के अनुसार लक्कड़ बाजार की ओर से आ रही एक कार की तलाशी में हेमराज (थाना बरमाणा, बिलासपुर) के कब्जे से 406 ग्राम अफीम बरामद बताई गई थी। दूसरा मामला 8 नवंबर 2013 को सदर थाना क्षेत्र का है। आरोप था कि पुलिस टीम ने ट्रिपल एच के पास स्थित पार्किंग में महेश कुमार (निवासी तहसील कुमारसैन) के कब्जे से नाइट्रोसन-10 की 160 गोलियां और 58 ग्राम चरस बरामद की थी। अभियोजन पक्ष ने दोनों मामलों में पुलिस कर्मियों सहित कई गवाहों के बयान पेश किए। हालांकि, अदालत ने पाया कि गवाहों के बयान और प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर लगाए गए अपराधों को सभी उचित संदेहों से परे सिद्ध करने में विफल रहा। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
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