शिमला। सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में रोहड़ू उपमंडल के विक्रम सिंह को खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) की अदालत ने यह फैसला दिया है।
यह मामला 11 जून, 2019 में चिड़गांव थाना क्षेत्र का है। पीड़ित के माता-पिता मजदूरी कर शाम के समय घर लौटे तो देखा कि उनकी आठ साल की बेटी के गाल पर कुछ काटने के निशान हैं। पीड़िता ने बताया कि काटने के निशान आरोपी द्वारा दिए गए हैं। स्कूल से घर वापस लौटते समय उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 376, 323 और पोक्सो अधिनियम 6 के तहत मामला पंजीकृत कर जांच की। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए 18 गवाहों की जांच की गई। लेकिन अदालत ने ठोस सबूतों के अभाव से अभियुक्त विक्रम को दंडनीय अपराधों के लिए दोषमुक्त किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि गवाहों ने भी एक-दूसरे के बयानों का खंडन किया है। साथ ही एसएफएसएल रिपोर्ट ने अभियोजन पक्ष के मामले को गलत साबित कर दिया है। संवाद