बरमाणा में एसीसी सीमेंट कंपनी ने पैकिंग प्लांट में कार्य कर रहे सैकड़ों मजदूरों के वेतन में कटौती कर दी है। कंपनी की मनमानी का शिकार हुए 220 मजदूरों ने इसके विरोध में नारेबाजी की। मजदूरों का कहना है कि जब तक बेज बोर्ड सेटलमेंट के अनुसार उन्हें पैसे नहीं मिलते हैं तब तक वो काम पर नहीं लौटेंगे। एसीसी फैक्टरी के पैकिंग प्लांट में काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों के वेतन में यह कटौती की गई है।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी के बड़े अफसरों ने उन्हें कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने को भी मजबूर किया। जब इसका विरोध किया गया तो उन्हें फैक्टरी में प्रवेश नहीं दिया गया। सभी मजदूर एसीसी फैक्टरी के पैकिंग प्लांट में पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं। इन सभी का मासिक वेतन 33 हजार के करीब बनता था। लेकिन इस माह इन्हें सिर्फ 20 से 22 हजार ही वेतन मिला। वेतन में भारी कटौती के कारण मजदूरों ने जब कंपनी प्रबंधन से इसका कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि प्रबंधन ने प्लांट में सीमेंट लोडिंग के दामों में कटौती की है। इसके चलते वेतन काटा गया है।
मजदूर इंद्र देव, देवी राम, रत्न लाल, राकेश कुमार, संतोख, बलदेव, जयसी राम, कुलदीप कुमार, देवेंद्र, राजेश कुमार, बाबू राम सहित अन्यों ने बताया कि 31 मार्च तक उन्हें एक टन सीमेंट लोड करने के लिए 13 रुपये 64 पैसे मिलते थे। उनका वेतन 33 हजार के करीब बनता है, लेकिन अब जब बेज बोर्ड सेटलमेंट के अनुसार इस रेट में बढ़ोतरी होनी थी तो कंपनी प्रबंधन ने उसे घटाकर 9 रुपये 9 पैसे कर दिया है। जब तक कंपनी बेज बोर्ड के अनुसार उन्हें वेतन नहीं देती है, तब तक वो हड़ताल जारी रखेंगे।