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छात्रा लावण्या मामले में एबीवीपी ने किया प्रदर्शन

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तमिलनाडु सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, बोले, धर्म बदलने का दबाव बनाने पर छात्रा ने की आत्महत्या
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। तमिलनाडु के तंजावुर जिले के मिशनरी स्कूल में धर्मांतरण का दबाव बनाने और उसके बाद छात्रा के आत्महत्या करने के मामले को लेकर एबीवीपी ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
एबीवीपी ने छात्रा लावण्या को न्याय दिलवाने की मांग के समर्थन और तमिलनाडु की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एबीवीपी ने शिक्षा के मंदिर में इसाई मिशनरियों द्वारा जबरन धर्मांतरण करवाए जाने के आरोप लगाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने और दोषियों को सजा देने की मांग की। एबीवीपी के प्रांत मंत्री विशाल वर्मा ने कहा कि छात्रा लावण्या के आत्महत्या का यह मामला दुखद है। कहा कि स्कूल की एक नन ने लावण्या पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
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छात्रा ने जब हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई बनने से इनकार किया तो नन ने लावण्या से शौचालय तथा लेबोरेटरी की सफाई करवाना शुरू कर दी। उनका आरोप है कि एक अन्य नन ने छात्रा को कई प्रलोभन भी दिए। इस तरह की मानसिक प्रताड़ना ही उसके आत्महत्या करने का कारण बनी। आत्महत्या से पूर्व छात्रा ने वीडियो बनाकर स्कूल प्रशासन के धर्म परिवर्तन के प्रोपेगेंडा को उजागर किया है। आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
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विशाल वर्मा ने कहा कि सोमवार को तमिलनाडु के अंदर जब एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता लावण्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे तो वहां की तानाशाही सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी के साथ 37 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करना निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले में संलिप्त सभी दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए तथा लावण्या के न्याय की मांग कर रहे सभी कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए।
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