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Shimla News: सामाजिक विज्ञान और मानविकी के लिए बनेगा नया शोध केंद्र

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एचपीयू में जल्द होगी शोध केंद्र की शुरुआत, डिजिटल कनेक्टिविटी और पत्रकारिता विषयों पर होगा अध्ययन
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समाज, शासन के बदलते स्वरूप का भी होगा अध्ययन

एक्सक्लसिव
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला अपने शोध ढांचे का विस्तार कर सामाजिक विज्ञान और मानविकी के लिए एक नए अंतरविषयक शोध केंद्र का विकास करेगा।
विश्वविद्यालय ने इस केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया है। केंद्र में डिजिटल कनेक्टिविटी, पत्रकारिता, जनसंचार, डिजिटल समाज, लोक नीति और उभरती संचार तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा। विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष आपदा जोखिम न्यूनीकरण, हरित ऊर्जा एवं नैनो प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पहाड़ी संस्कृति तथा भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर नए शोध केंद्र स्थापित किए थे। अब सामाजिक विज्ञान और मानविकी के क्षेत्र में भी एक समर्पित शोध केंद्र विकसित किया जाएगा जिसका उद्देश्य सामाजिक परिवर्तन और डिजिटल युग से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
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केंद्र का उद्देश्य डिजिटल युग में समाज, शासन और संचार के बदलते स्वरूप का अध्ययन करना होगा। इसके तहत पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संचार, सूचना तक पहुंच, डिजिटल समावेशन, मीडिया साक्षरता और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर शोध किया जाएगा। केंद्र से पत्रकारिता एवं जनसंचार, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, इतिहास तथा अन्य सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विभागों को जोड़ा जाएगा। इन विभागों के बीच बहुविषयक शोध परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। केंद्र में नीति आधारित अध्ययन, डेटा विश्लेषण, डिजिटल अभिलेखागार और समकालीन सामाजिक मुद्दों पर अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय इस केंद्र को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित करेगा ताकि सामाजिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सके। इसके माध्यम से शोधार्थियों और विद्यार्थियों को डेटा पत्रकारिता, तथ्य जांच, साइबर संचार, डिजिटल शासन, मीडिया अनुसंधान और सार्वजनिक नीति जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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सामाजिक परिवर्तन विषय पर शोध की आवश्यकता
कुलपति महावीर सिंह ने बताया कि हिमालयी राज्यों में डिजिटल कनेक्टिविटी, ग्रामीण संचार, आपदा के दौरान सूचना तंत्र, स्थानीय भाषाओं में डिजिटल सामग्री और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों पर केंद्रित अनुसंधान की आवश्यकता को देखते हुए इस शोध केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य इसे राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट शोध केंद्र के रूप में विकसित करना है जहां अकादमिक संस्थानों, मीडिया संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ संयुक्त शोध परियोजनाएं भी संचालित की जाएंगी।
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