जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक में फैसला, सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करेगा डेस्क
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बच्चों को छात्रवृत्ति दिलाने में भी मदद करेगा डेस्क
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सफाई कर्मचारियों के बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ मुहैया करवाने के लिए हेल्प डेस्क तैयार किया जाएगा। इसमें हर स्थानीय निकाय बच्चों की सूची तैयार करके उपायुक्त कार्यालय को भेजेगा।
यह निर्णय जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बचत भवन में हुई बैठक में वीरवार को लिया गया। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से छात्रवृत्ति के आवेदन प्रक्रिया को पूरा करवाया जाएगा। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों के बच्चों का रिकार्ड तैयार करने का फैसला लिया गया। इसमें बच्चे किस स्कूल में किस कक्षा में पढ़ रहे हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी होगी। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने की। बैठक में बताया गया कि 30 सितंबर तक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि तय की है। नगर निगम शिमला के 12 वार्डों में सफाई कर्मियों के लिए चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। सफाई कर्मियों के पहचान पत्र में ईएसआई और ईपीएफओ संख्या अंकित की है। सीवर के चैंबर की सफाई जेटिंग मशीन के माध्यम से ही करवाई जाती है। नगर निकायों के दायरे में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।
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नगर निगम शिमला एवं स्थानीय निकायों के सफाई कर्मचारियों को पुनर्वास के लिए लोन सुविधा मुहैया नहीं हो रही है। इसके बारे में कोई रिकार्ड नहीं है। सफाई कर्मियों एवं परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाई जा रही है। जिले में नगर निगम एवं स्थानीय निकायों में सफाई कार्य कर रहे कर्मियों को आरोग्य उपकरण मुहैया करवाए जा रहे हैं। बैठक में संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला डॉ. भुवन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रत्न नेगी, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे
एक सप्ताह के भीतर करवाएं बैठक
उपायुक्त ने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि उपमंडल स्तर पर प्रबोधन समिति की बैठक एक सप्ताह के भीतर करवाई जाए। बैठक की प्रोसिडिंग उपायुक्त कार्यालय को भेजनी अनिवार्य है। बैठक का एजेंडा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी तैयार करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि निर्देशों के बाद भी बैठक नहीं की गई तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।