देवता जमदग्नि ऋषि की कोठी में लगी आग
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गड़सा घाटी में शियाह के अधिष्ठाता देवता जमदग्नि ऋषि का बहुमंजिला भंडार गृह (कोठी) भीषण आग में जल गया। इसमें रखा सोना-चांदी, देवता के दो मोहरे, 18 नरसिंगे और करनाल आग की भेंट चढ़ गए। भंडार गृह का भीतरी हिस्सा पूरी तरह से जलकर राख हो गया। सोमवार रात करीब 10:30 बजे हुए इस अग्निकांड में दो करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। हारियानों (श्रद्धालुओं) ने चार साल पहले ही देवता की साढ़े तीन मंजिला कोठी को नए सिरे से काष्ठकुणी शैली में बनाया था।
शियाह गांव में देवता के भंडार गृह (कोठी) में अचानक भड़की आग से गांव में अफरातफरी का माहौल रहा। देवता की कोठी के साथ सटे चार घरों के लोग भी सहम गए। इस दौरान ग्रामीणों ने चारों घरों के लोगों को तुरंत बाहर निकाला। ग्रामीणों ने कोठी के भीतर रखे देवता के मोहरों व अन्य सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि भीतर नहीं जा पाए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
अग्निमशन की टीम ने बचाए कोठी से सटे घर
अग्निमशन टीम के जवानों ने कोठी के साथ लगते चार घरों को भी अग्निकांड की चपेट में आने से बचाया। समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो पूरा गांव भी आग की चपेट में आ सकता था। शियाह गांव के निवासी हेमराज ने बताया कि अग्निकांड में देवता की कोठी समेत मोहरे व अन्य सामान जला है।
इसमें दो करोड़ का नुकसान हुआ। अग्निशमन विभाग कुल्लू के अधिकारी सरनपत बिष्ट ने अग्निकांड की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाया गया है, लेकिन देवता का सभी सामान जलकर राख हुआ है। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर भेजा गया।