स्कूलों में पानी टैंक साफ करवाने के निर्देश
गर्मी के सीजन को लेकर शिक्षा विभाग अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गर्मी का सीजन और इस कारण शुरू हो चुकी पेयजल किल्लत को देखते हुए शिक्षा विभाग भी अलर्ट हो गया है। जिलेभर के स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रधानाचार्य/मुख्याध्यापकों और केंद्रीय मुख्य शिक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसमें स्कूल मुखिया को स्कूलों की पानी की टंकियों की सफाई और पीने और मिड-डे-मील आदि में स्वच्छ पेयजल इस्तेमाल किए जाने को कहा गया है। प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापकों के लिए उप निदेशक उच्च कार्यालय की ओर आईजीएमसी के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग ने बुधवार को कार्यशाला का आयोजन भी किया। इसमें पीलिया के कारणों और लक्षणों आदि को लेकर प्रधानाचार्यों को जागरूक किया गया। हालांकि, शहर और जिले भर के अधिकतर स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां समाप्त होने और कक्षाएं शुरू होने से पहले ही पानी की टंकियों की सफाई की गई थी, बावजूद इसके स्कूल संचालकों को पानी की टंकियों की सफाई करवाए जाने को कहा गया है।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जारी किए पत्र
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राकेश वश्ष्टि ने जिलेभर के सभी बीईईओ को स्कूलों में पानी की उपलब्धता और इसकी स्वच्छता को सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए हैं। जिलेभर के 21 बीईईओ को कहा गया है कि वे स्कूलों में स्वयं भी निरीक्षण करें। जिले भर में 1602 प्राथमिक पाठशालाएं और 355 से अधिक अपर प्राइमरी स्कूल हैं, जिनमें मिड डे मील बनाकर परोसा जाता है।
हर स्कूल में तैनात हो नोडल ऑफिसर : बत्ता
उप निदेशक उच्च राजेश्वरी बत्ता ने प्रधानाचार्य और उच्च विद्यालय के हेड मास्टर को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के सीजन को देखते हुए वे पानी की टंकियों की सफाई को स्कूल में नोडल ऑफिसर तैनात कर सफाई करवाएं और टंकियों की सफाई की तिथि अंकित करें। इसकी रिपोर्ट उप निदेशक कार्यालय को भी भेजें। जिले में 280 सीनियर सेकेंडरी, 124 हाई और 159 निजी स्कूल हैं।