एमसी ने गंदे पानी की सप्लाई पर बंद किए कई नल
अमर उजाला में खबर छपने के बाद जागा नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में गंदे पानी की सप्लाई करने वाला नगर निगम प्रशासन आखिरकार नींद से जाग गया। निगम ने संजौली चौक और लक्कड़ बाजार स्थित सार्वजनिक नल को स्थायी तौर पर बंद कर दिया है। इन दोनों नलों के सैंपल कई बार फेल हो चुके थे लेकिन इसके बावजूद निगम इसमें पानी की सप्लाई दे रहा था। अमर उजाला ने 29 अगस्त के अंक में इस लापरवाही को प्रमुखता से उठाया था। हरकत में आए निगम ने अब इनकी सप्लाई बंद कर दी है। साथ ही इन दोनों नलों के लिए नई लाइन बिछाने का भी दावा किया है। निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बुधवार को सैंपल फेल होने के मामले में आईजीएमसी की हैपेटाइटिस प्रोजेक्ट का संचालन और सैंपल ले रही टीम से बात की। इनका कहना है कि कई बार सैंपल लेने में त्रुटि होने के कारण भी सैंपल असंतोषजनक आ जाता है। 25 अगस्त को निगम स्वास्थ्य अधिकारी ने कसुम्पटी टैंक के सैंपल लिए थे जो सही पाए गए। वहीं, आईजीएमसी की रिपोर्ट में शहर के कई टैंकों के सैंपल फेल बताए गए हैं। निगम अभियंता ने दावा किया कि सैंपल लेने में गड़बड़ी होने पर भी कई बार रिपोर्ट ठीक नहीं आती। जिन पेयजल टैंकों के सैंपल फेल हुए थे, उनके दोबारा सैंपल लिए जा रहे हैं। निगम ने बरसात के मौसम में पेयजल को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर पीने की सलाह दी है।
अब तारामाता मंदिर टैंक के सैंपल फेल
न्यू शिमला के तारामाता मंदिर टैंक के सैंपल भी फेल हो गए हैं। आईजीएमसी की टीम ने 26 अगस्त को टैंक से पानी के सैंपल लिए थे जो रिपोर्ट में सही नहीं पाए गए हैं।