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मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, लोगों को देना पड़ रहा पानी का ज्यादा बिल

Sun, 17 Feb 2019 11:55 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शहर में पहली बार मीटर रीडिंग के आधार पर जारी किए जा रहे पानी के बिलों में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है। कई उपभोक्ताओं को आधी अधूरी रीडिंग लेकर ही पानी के बिल थमा दिए हैं। आए दिन कंपनी के दफ्तर में दर्जनों लोग ऐसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी कई लोग बिल ठीक करवाने दफ्तर पहुंचे। इनमें विकासनगर से आई महिला कल्पना गौतम ने कहा कि बिल में उनकी पहली रीडिंग शून्य दिखाई गई है। यानि रीडिंग तब से ली गई है जब मीटर लगा था।

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बिल पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक का जारी हुआ है जबकि मीटर इससे कई महीने पहले लग चुका था। रीडिंग अप्रैल से होनी चाहिए थी जो शून्य नहीं हो सकती। कहा कि अब कंपनी वाले पुरानी रीडिंग मांग रहे हैं जो पुराने बिलों में भी नहीं है। खलीनी से आए सुनील कुमार और बीसीएस के राम सिंह ने बिलों में इसी तरह की गड़बड़ी दिखाई। कहा कि पहली रीडिंग शून्य से लेकर उनसे ज्यादा बिल वसूला जा रहा है। इससे पहले मज्याठ और टुटू से भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं।

खामियाजा भुगत रही है जनता
कंपनी का दावा है कि पिछले साल अप्रैल और मई में सभी वार्डों में जाकर पहली रीडिंग ले ली गई है। इसके बाद के बिल रीडिंग पर ही जारी होंगे। लेकिन लोग कह रहे हैं कि उनके घर पर पहली रीडिंग लेने कोई नहीं आया। अब कंपनी रीडिंग का अंदाजा लगाकर बिल जारी कर रही है। इसके अलावा कंपनी के पास पुराना रिकॉर्ड न होने से भी यह परेशानी आ रही है। नगर निगम से उपभोक्ताओं के बिल संबंधी सारा रिकॉर्ड अभी कंपनी को शिफ्ट नहीं हो पाया है।
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मार्च से दुरुस्त हो जाएगी व्यवस्था
नगर निगम अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की पहली रीडिंग शून्य है वह दफ्तर आकर इसे चेक करवा सकते हैं। मार्च से व्यवस्था सही हो जाएगी। इसके बाद ऐसी शिकायतें नहीं मिलेंगी।

कंपनी ने बताया, क्यों आ रहे हैं ज्यादा बिल
शिमला। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड की ओर से संजौली के इंजनघर में शनिवार को स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के साथ बैठक की गई। इसमें कंपनी के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने लोगों को नई बिल प्रणाली के बारे में अवगत करवाया। कहा कि कंपनी की ओर से नए बिल मीटर रीडिंग के आधार पर जारी किए जा रहे हैं। छोटे परिवारों को इसका सीधा फायदा हुआ है जो कम पानी की खपत करते हैं, उन्हें इस बार कम बिल जारी हुए हैं। बताया कि जो लोग ज्यादा पानी इस्तेमाल करते हैं, या जिनकी टंकी ओवरफ्लो होती है, उनके बिल भी ज्यादा आए हैं।

पानी की नई दरों के चलते भी बिल ज्यादा आए हैं। यदि लोगों को बिल संबंधी कोई परेशानी हैं, तो उसके लिए कंपनी ने हेल्प डेस्क स्थापित किया है। लोग सब्जी मंडी स्थित कंपनी दफ्तर में मदद ले सकते हैं। कहा कि बिल कम आए, इसके लिए लोग टंकी ओवरफ्लो न होने दें। कंपनी जल्द लोगों को हर महीने बिल देगी जिससे बोझ नहीं पड़ेगा। इस दौरान वार्ड पार्षद आरती चौहान और सांगटी पार्षद मीरा शर्मा भी मौजूद रहे।

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