हिमाचल में जल्द ही देश के पहले आधुनिक बल्क ड्रग पार्क के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। इसके निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में हुई बैठक में 60 करोड़ रुपये देने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के साथ ही प्रदेश उद्योग विभाग ने इसके निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने पर्यावरण क्लीयरेंस लेने के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति कर दी है।
कंसलटेंट की पर्यावरण असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार एनओसी के लिए आवेदन करेगी और मंजूरी के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।दरअसल, वर्तमान में वैसे तो हिमाचल के बद्दी का फार्मा हब एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब माना जाता है, लेकिन इस हब में बनने वाली हर दवा का कच्चा माल चीन से निर्यात होता है। चीन से आने वाले उत्पादों का मिश्रण कर दवाओं को तैयार किया जाता है।
चूंकि वह उत्पाद बेहद महंगे होते हैं, इसलिए दवा कंपनियां चाह कर भी दवाओं के दाम नहीं घटा पातीं। केंद्र सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए हिमाचल के बद्दी में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा ने बताया कि हाल ही में हुई बैठक में केंद्र ने आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। इसके बाद पर्यावरण कंसलटेंट की नियुक्ति कर दी गई है। उसकी रिपोर्ट के बाद प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम शुरू होगा।