हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल का असर बुधवार को शिमला में भी देखने को मिला। रोडवेज की करीब 40 बसें शिमला नहीं पहुंचीं। इसके चलते टूटीकंडी आईएसबीटी पर यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ज्यादातर लोगों को हिमाचल परिवहन निगम की बसों में सफर करना पड़ा। इससे इन बसों में खासी भीड़ भी रही। बताया जा रहा है कि रोडवेज के कर्मचारी मोटर व्हीकल एक्ट और सात सौ निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत सड़क पर उतारने के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं।
शिमला के लिए हरियाणा रोडवेज की करीब चालीस बसें चलती है। यह बसें शिमला से चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, करनाल, जींद और भिवानी आदि रूटों पर चलती हैं।
रोडवेज की बसें लोगों को सीधे इन शहरों तक पहुंचाती है लेकिन लेकिन बुधवार को लोगों को इन रूटों पर डायरेक्ट बसें नहीं मिलीं। इसके अलावा चंडीगढ़ पहुंचकर भी इन रूटों के लिए बसों की कमी रही। कर्मचारियों की हड़ताल यदि जारी रहती है तो इससे लोगों को आने वाले दिनों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
हड़ताल से एचआरटीसी को फायदा
हरियाणा के लिए डायरेक्ट बस सेवा न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एचआरटीसी की बसों में भीड़ बढ़ने से कई यात्रियों को सीटें तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। हालांकि, एचआरटीसी को इससे फायदा हो रहा है।