हिमाचल में मरीज अब न तो दवा के लिए भटकेंगे और न ही उन्हें इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे। सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को दो माह बाद मुफ्त में दवाएं मिलेंगी।
शुगर, हार्टअटैक से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां भी मुफ्त मिलेंगी। प्रदेश में स्वास्थ्य महकमे ने जीवन रक्षक दवाओं की सूची में 70 से अधिक नई दवाओं को शामिल किया है।
अगले दो महीने के भीतर स्वास्थ्य महकमा 503 तरह की दवाएं खरीदने जा रहा है। इसके लिए जुलाई में ही टेंडर करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य निदेशालय ने तैयार की दवाईयों की सूची
स्वास्थ्य निदेशालय ने पहली बार सूबे के मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से परामर्श करने के बाद जीवन रक्षक दवाओं की सूची तैयार की है।
इस सूची में करीब हर बीमारी के इलाज के लिए दवाओं को सूचीबद्ध किया है। कैंसर के लिए 25 तरह की दवाइयां और इंजेक्शन इसमें शामिल किए गए हैं।
जिस स्तर का स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य संस्थान होगा, उस स्तर की दवाएं वहां उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष 2014-15 में दवा खरीदने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
सीएमओ कर सकेंगे दवाओं की खरीद
सिविल सप्लाई निगम के बजाए अब दवा खरीदने का अधिकार सीएमओ स्तर पर दिया जा रहा है। इससे जिले में जरूरत के अनुसार सीएमओ खुद ही दवा खरीद कर सकेंगे। अगर नई बीमारी का कोई मरीज आ गया तो उसके लिए भी सीएमओ अपने स्तर पर दवा खरीदकर उपलब्ध करा देंगे।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. आरके शर्मा का कहना है कि प्रदेश में हर मरीज को दवा उपलब्ध हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। डाक्टरों से परामर्श पर दवाओं की सूची तैयार की है। दवाओं को खरीदने के लिए इसी महीने टेंडर किया जाएगा। सीएमओ अपने स्तर पर दवाएं खरीद सकेंगे।