हिमाचल में करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। सरकार से पास विभिन्न विभागों में करुणामूलक के लंबित करीब 4500 मामले पहुंचे हैं। प्रभावित परिवार करीब 15 साल से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। करुणामूलक नौकरी के लिए आय सीमा 2.40 लाख रुपये सालाना करने की नई शर्त भी राहत नहीं दे पाई है।
सरकार ने विभिन्न विभागों से करुणामूलक आधार पर नौकरी देने के लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी। सूत्रों के अनुसार सभी विभागों से इस संबंध में जानकारी सरकार के पास पहुंच गई है। बावजूद इसके इस दिशा में सरकार अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं ले सकी है।
बच्चे नाबालिग होने के कारण नहीं ली थी करुणामूलक नौकरी
कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार की महिला ने बच्चे छोटे होने के कारण करुणामूलक नौकरी नहीं ली थी। जब बच्चे नौकरी योग्य हुए तो उन्हें आयसीमा के कारण नौकरी नहीं मिल रही है। हालांकि, अब सरकार ने आय सीमा 2.40 लाख रुपये कर दी है, लेकिन अब भी नौकरी नहीं मिल पा रही है।
प्रमुख विभागों में लंबित करुणामूलक मामले
गृह विभाग 400 से अधिक
आईपीएच 350
लोक निर्माण विभाग लगभग 300
एलीमेंटरी शिक्षा लगभग 300
उच्च शिक्षा 125
वन 200 से अधिक
स्वास्थ्य 175
क्या कहते हैं कर्मचारी नेता
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा कहते हैं कि सरकार करुणामूलक के सभी मामलों को एकमुश्त सुलझाए, जिससे पिछले कई साल से नौकरी की इंतजार कर रहे प्रभावित परिवारों को राहत मिले।