हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक बैंक के बढ़ रहे एनपीए पर चिंता जताते हुए कड़े फैसले लिए गए। चर्चा के दौरान सामने आया कि करीब 50 से अधिक लोगों के पास केसीसी बैंक का 300 करोड़ से अधिक पैसा ऋण के रूप में फंसा हुआ है। बैंक अब इन 50 डिफाल्टरों की संपत्ति को नीलाम कर ऋण की भरपाई करेगी।
मंगलवार को चेयरमैन डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने अध्यक्ष को जानकारी दी कि ऊना जिला की बैंक डिफाल्टर क्रस्ट स्टील कंपनी को सीज कर दिया गया है। जल्द इसकी नीलामी की जाएगी।
बैंक ने क्रस्ट स्टील कंपनी से 90 करोड़ रुपये की वसूली करनी है। भारद्वाज ने बताया कि बैंक द्वारा जल्द एनपीए की बैलेंस शीट तैयार कर रिकवरी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए बैंक डिफाल्टरों की संपत्ति को अटैच करेगा। बाद में संपत्ति नीलामी कर ऋण की वूसली करेगा। बीओडी में 65 विषयों पर चर्चा की गई।
केसीसी बैंक में 56 वाटर कैरियर के पद भरेंगे
भारद्वाज ने बताया कि बैंक में 56 वाटर कैरियर के पद भरे जाएंगे। नियुक्तियों के लिए रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटी को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैंक वाटर कैरियर को 5000 रुपये मासिक वेतन देगा।