कंपनियां सीए स्टोर में रखने के लिए जो सेब खरीदेंगी, उसके दाम कमेटी तय करेगी। मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी का अध्यक्ष डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय (विवि) नौणी के कुलपति को बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में निजी कंपनियों के संचालित वातानुकूलित (सीए) स्टोरों में बागवानों का 30 फीसदी सेब किराये पर रखना ही होगा। इसके अलावा कंपनियां सीए स्टोर में रखने के लिए जो सेब खरीदेंगी, उसके दाम कमेटी तय करेगी। मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटीका अध्यक्ष डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय (विवि) नौणी के कुलपति को बनाया गया है। कमेटी में संबंधित क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान भी शामिल किए गए हैं। इससे सेब के दाम तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। कमेटी सीए स्टोर कंपनियों की सेब खरीद पर नजर रखेगी।
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बैठक में तय हुआ कि प्रदेश में सभी निजी सीए स्टोरों में बागवानों के सेब रखने के प्रावधान को समझौता ज्ञापन के अनुसार सख्ती से लागू करना होगा। अगर सीए स्टोर संचालक ऐसा नहीं करेंगे तो उन पर उद्यान विभाग कार्रवाई करेगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि प्रदेश में सभी बागवानों को 1 अप्रैल 2022 के बाद एचपीएमसी या खुले बाजार से सेब कार्टन एवं ट्रे खरीद पर उन्हें जीएसटी का छह प्रतिशत उपदान सीधा उनके खातों में 15 दिन के अंदर जमा किया जाएगा।
बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी नहीं आए
एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष नरेश शर्मा और भाजपा नेता चेतन बरागटा ने बताया कि इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा को भी बुलाया गया, लेकिन इसके पदाधिकारी नहीं आए। इससे जाहिर होता है कि मोर्चा को बागवानों के हितों की चिंता नहीं है।