न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला (घंडल) का शनिवार को कुफरी में पहला दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें 283 मेधावी डिग्री धारकों को नवाजा गया। 16 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, दो को छात्रवृत्ति, 108 को एलएलएम, 157 को बीए, बीबीए एलएलबी डिग्री और एक छात्र को पीएचडी की उपाधि देकर अलंकृत किया गया। गोल्ड मेडल पाने वालों में अधिकतर छात्राएं रहीं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वे विश्वविद्यालय के विजिटर भी हैं। उन्होंने गोल्ड मेडल व डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। छात्रों को लॉ को कॅरिअर के रूप में अपनाने का महत्व भी बताया। कुलपति प्रो. निष्ठा जसवाल ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट पेश की। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश दीपक गुप्ता, हिमाचल हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर ने भी समारोह में शिरकत की।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति न्यायमूर्ति अमजद एहतशाम सैयद ने छात्र-छात्राओं को डिग्री, गोल्ड मेडल और पीएचडी डिग्री से अलंकृत किया। 16 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल दिए गए। दो को नकद फेलोशिप दी गई। इनमें रूबी यादव, शगुन शर्मा, वर्षिका शर्मा, अनुष्का उकरानी, प्रियंका ठाकुर, निखत जमवाल को गोल्ड मेडल सहित स्नातक डिग्री कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छह स्मृति गोल्ड मेडल दिए गए। निखत जमवाल ने तीन गोल्ड, प्रांजल शर्मा ने दो मेडल सहित फेलोशिप प्राप्त कर चांसलर फेलोशिप दस हजार, केके लुथरा मेमोरियल गोल्ड मेडल इन क्रिमिनल लॉ सोनू खंडेलवाल ने प्राप्त किया। बैच 2017-22 की प्रियंका ने पांच गोल्ड मेडल और एक नकद पुरस्कार, मानसी शर्मा, सुभाष शर्मा ने भी गोल्ड मेडल प्राप्त किए। समारोह में विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. चंचल कुमार सिंह, कुलसचिव प्रो. एसएस जसवाल और उनकी टीम ने समारोह में सहयोग किया।
इन न्यायाधीशों को प्रदान की गई मानद उपाधि
दीक्षांत समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्याकांत, न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम, पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और पूर्व मुख्य न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश और पूर्व कुलाधिपति नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर को डॉक्टर ऑफ फिलॉसिफी ऑफ लॉ की मानद उपाधि प्रदान की गई।