हिमाचल में एक अप्रैल 2016 से 25 हजार ट्रक और बसों के पहिये थम जाएंगे। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 15 से अधिक साल पुराने ट्रक और बसों को चलाने पर रोक लगा दी है। हिमाचल में यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2016 से लागू हो जाएगी।
ट्रक आपरेटर यूनियन नालागढ़ ने हिमाचल में ट्रकों की संख्या का पता करने के लिए एक सर्वे किया था, जिसमें 52 हजार ट्रकों की संख्या पाई गई। इसमें 18 हजार ऐसे ट्रक पाए गए जो 15 साल से अधिक साल पुराने थे।
प्रदेश पथ परिवहन निगम की मानें तो हिमाचल में 2500 के करीब बसों की संख्या है जबकि 31 सौ के आसपास निजी बसें है। इसमें 7 हजार ऐसी बसें है जो पुरानी हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आदेशानुसार यह वाहन खड़े हो जाएंगे।
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद हिमाचल में भी ट्रक और निजी बस आपरेटरों में हड़कंप मचा हुआ है। अगर पुरानी बसें और ट्रक खड़े हो जाते हैं तो इसका सीधा असर आपरेटरों की आमदनी पर पड़ेगा।
ट्रक आपरेटर यूनियन नालागढ़ के उपाध्यक्ष भाग सिंह ने बताया कि बीते वर्ष हिमाचल में ट्रकों की गणना की गई थी। इसमें सूबे के 52 हजार ट्रकों में 18 हजार के आसपास ऐसे ट्रक है जो काफी पुराने हैं।