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हिमाचल: एनएच-305 के बंजार-औट खंड के सुधार के लिए 25.11 करोड़ मंजूर, गडकरी से मिले विक्रमादित्य

Thu, 06 Aug 2026 07:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वीरवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश की विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य को हरसंभव सहयोग की बात कही।
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले विक्रमादित्य सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने एनएच-305 के सैंज-लूरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक सड़क सुधार व तारकोल बिछाने के लिए 25.11 करोड़ रुपये जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके अलावा 1,775 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रस्तावित जलोड़ी सुरंग परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में भी केंद्र ने अधिकारियों को तेजी लाने को कहा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने वीरवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश की विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य को हरसंभव सहयोग की बात कही।

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विक्रमादित्य ने एनएच-303 के नगरोटा बगवां-रानीताल मार्ग के उन्नयन के लिए 395 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरपीएफ) के तहत 239.45 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने पर केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। इनमें टीकर-जारोल-गहन-नानखड़ी-खमाड़ी मार्ग तथा छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी मार्ग के उन्नयन की परियोजनाएं शामिल हैं।

बैठक के दौरान मंत्री ने सेतु बंधन योजना के तहत पुल निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का आग्रह किया। साथ ही सीआरआईएफ और सेतु बंधन योजनाओं के अंतर्गत हिमाचल की अधिक सड़क एवं पुल परियोजनाओं को मंजूरी देने और सीआरआईएफ के तहत वार्षिक आवंटन बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण हिमाचल में सड़कें ही परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य की विकास परियोजनाओं को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

पीएमजीएसवाई सड़कों की आनलाइन निगरानी करेगा केंद्र
 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के तहत हिमाचल प्रदेश में बनने वाली 294 ग्रामीण सड़कों की अब केंद्र सरकार ऑनलाइन निगरानी करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और परियोजनाओं को तय समय में पूरा कराना है। इसके लिए आधुनिक डिजिटल मॉनीटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार पीएमजीएसवाई फेज-4 के तहत प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के अंतर्गत बनने वाली 294 सड़कों से हजारों ग्रामीण परिवारों को वर्षभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषि, बागवानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के माध्यम से निर्माण कार्यों की प्रगति, फोटो, जियो-टैगिंग और अन्य तकनीकी जानकारियां नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी।
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ढली-नारकंडा एनएच होगा और सुरक्षित, केंद्र ने मंजूर किए 73.47 करोड़
 राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 05 के ढली से नारकंडा खंड को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने 73.47 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना 52.198 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सड़क के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए मंजूर की गई है। परियोजना के तहत संवेदनशील स्थानों पर सहारा दीवारें (रिटेनिंग वॉल), पर्वतीय ढलानों को थामने वाली दीवारें (ब्रेस्ट वॉल) और तीन पट्टियों वाले इस्पाती दुर्घटना रोधी अवरोधक लगाए जाएंगे। इन कार्यों से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क की मजबूती बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। वस्तु एवं सेवा कर तथा अन्य मदों के लिए 15.14 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 18 माह का लक्ष्य रखा गया है। ढली से नारकंडा मार्ग के रखरखाव और सुधार कार्यों की निगरानी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिका के तहत की जा रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि एनएच के औपचारिक हस्तांतरण की अधिसूचना जारी होने के उम्मीद में ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे स्वीकृति के बाद कार्य में अनावश्यक देरी न हो। परियोजना पूरी होने के बाद शिमला और ऊपरी शिमला क्षेत्र के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि एनएच 05 के ढली से नारकंडा खंड को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 73.47 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इससे हजारों लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार की ओर हिमाचल में सड़कों को विस्तार दिया जा रहा है।
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