ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया गया है जिससे लगभग 24 हजार नए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों के रिक्त पदों को भर रही है तथा विद्यालयों के शैक्षणिक ढांचे को और सुदृढ़ बनाने के लिए 87 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। अस्पतालों में खाली पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त करके गरीबों में बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास उनकी वैध आय से अधिक संपत्ति पाई जाएगी, उन्हें अपनी संपत्ति की जानकारी प्रदान करनी होगी।
सीएम ने 137 वाहनों को दिखाई हरीझंडी
उन्होंने जिला परिषद कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकालने का प्रयास की जाएगा। मुख्यमंत्री ने मशोबरा में सीबीएसई स्कूल खोलने, पीडब्ल्यूडी मंडल और उपमंडल कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता तथा क्षेत्र में एक एक्स-रे मशीन उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन योजना के पहले चरण में 137 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांवों में घर-घर से कचरा एकत्रित करने के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि योजना के अगले चरण में 700 और वाहन शामिल किए जाएंगे, जिन्हें ग्राम पंचायतें संचालित करेंगी।
प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ अब तक जारी नहीं हुए: अनिरुद्ध
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के दौरान कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य पूर्ण हुए हैं और कुछ विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वन अधिकार अधिनियम के तहत 120 से अधिक सड़कों को स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण के अनुरूप आधुनिक पंचायत घर बनाए जा रहे हैं, जिसकी अन्य राज्यों ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों से किए वादे पूरे किए हैं, लेकिन केंद्र सरकार से पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक जारी नहीं हुई है और कई केंद्रीय अनुदान भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी विधानसभा का अधिकांश विकास कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ है इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, नशा निवारण बोर्ड के उप संयोजक संजय ठाकुर, राज्य विपणन बोर्ड के सलाहकार नरेंद्र ठाकुर, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राघव शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।