भारी बारिश से शहर से सटे एक दर्जन से ज्यादा बस रूट प्रभावित रहे। जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़कों पर मलबा आने से बसें समय पर अपने गंतव्यों को रवाना नहीं हो सकीं। लगातार बारिश के बाद हो रहे नुकसान के चलते लोक निर्माण विभाग भी एक्शन में आ गया है। विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। लोनिवि ने अपने कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर आने के निर्देश जारी कर दिए हैं। लगातार बारिश से शहर से सटे करीब एक दर्जन रूट भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं।
शनिवार को मैहली-शोघी, संजौली-ढली, मैहली-जुन्गा और शिमला-धामी के कई रूटों पर भूस्खलन हुआ। मैहली-जुन्गा रूट पर करीब आठ, मैहली-शोघी पर 13 जगह और संजौली-ढली मार्ग पर तीन जगह पर मलबा गिरने से यह मार्ग अवरुद्ध रहा। इन रूटों पर सुबह के समय ही भूस्खलन के कारण शिमला को आने वाली बसें कुछ समय के लिए फंस गईं। हालांकि लोनिवि की मशीनरियां और कर्मचारियों सुबह से ही सड़कों पर हुए भूस्खलन को हटाने में लग रहे। इसके बाद रूटों पर वाहनों को रवाना किया गया। कई जगहों पर दोपहर बाद रूटों को चालू किया गया।
मैहली-शोघी और मैहली-जुन्गा और शिमला-धामी सड़क पर लोनिवि ने छह जेसीबी मौके पर तैनात की है। इसके अलावा संजौली-ढली मार्ग पर दो रोबोर्ट तैनात किए हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि भूस्खलन से एक दर्जन से ज्यादा रूट प्रभावित हुए हैं। दोपहर बाद तक भूस्खलन वाले मार्गों को वाहनों के लिए खोल दिया है। इसके अलावा कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी है।