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आयुक्त पर गिरी मेयर-पार्षद विवाद की गाज, तबादला

Sat, 30 Jun 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम महापौर और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे विवाद की गाज निगम आयुक्त पर गिर गई। शिक्षा मंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के साथ वीरवार रात हुई भाजपा पार्षदों की बैठक के 24 घंटे के भीतर ही आयुक्त का तबादला कर दिया गया।

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रोहित जमवाल महज छह माह के लिए ही निगम आयुक्त के पद पर कार्यरत रह सके। शुक्रवार को चलते सदन के बीच ही उन्हें तबादले की सूचना मिली। सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि आयुक्त ढाई बजे शुरू हुई बैठक में तो पार्षदों के सवालों का जवाब देते दिखे लेकिन चार बजे शुरू हुई दूसरी बैठक में शामिल तक नहीं हो पाए।

दूसरी बैठक में पार्षद आरती चौहान ने पूछा कि आयुक्त कहां हैं? संयुक्त आयुक्त ने कहा कि उनका तबादला हो गया है, इसीलिए वह बैठक में नहीं आएंगे। इससे कई भाजपा पार्षदों के चेहरे खिल गए। बगावती पार्षद इसे अपनी पहली जीत मान रहे हैं।
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वीरवार देर रात मंत्री सुरेश भारद्वाज और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती के साथ एक होटल में हुई बैठक के दौरान कई पार्षदों ने आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। ये पार्षद बैठक में तो मेयर के खिलाफ विरोध दर्ज कराने आए थे, लेकिन इन्होंने आयुक्त को ही निशाने पर ले लिया। आरोप लगाया कि आयुक्त उनकी फाइलें अटका रहे हैं।

विपक्षी पार्षदों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार को मेयर और डिप्टी मेयर को बदलना चाहिए था लेकिन उल्टा काम करने वाले अफसर को ही बदल दिया। पार्षद अर्चना धवन, दिवाकर शर्मा समेत कई पार्षदों ने इस तबादले का विरोध किया। उधर, मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि अभी उन्हें तबादले संबंधी जानकारी नहीं है। उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं कहना।

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