आईजीएमसी में मरीजोें को सबसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे करने वाली लोक कल्याण समिति के दावों की पोल खुलकर सामने आ रही है। समिति की इन एंबुलेंस में जो फर्स्ट एड किट रखी है, उसे किसी व्यक्ति द्वारा छूना तो दूर उसे देखना तक पसंद नहीं करेगा। एंबुलेंस में जो किट रखी है, उस पर फंगस लगी है।
जबकि किट के अंदर हाथ और अंगुली कटने पर लगाई जाने वाली जो दवा रखी है, वह भी ओवरडेट हो चुकी है। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में एंबुलेंस का यह हाल है। अस्पताल में समिति की ओर से पांच एंबुलेंस का संचालन किया जाता है।
इनमें से चार गाड़ियां तो मौके पर नहीं थी लेकिन अगर एक ही गाड़ी का यह हाल है तो बाकी की गाड़ियों में क्या स्थिति होगी, इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
उधर, लोक कल्याण समिति के इंचार्ज राजेश सरस्वती का कहना है कि उन्होंने सभी एंबुलेंस चालकों को नई किट रखने की हिदायत दी है। अगर किसी गाड़ी में एक्सपायरी किट पाई गई है तो उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।