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लीज पर दी गई संपतियों के बढ़ेंगे रेट

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नगर निगम शहर में लीज पर चल रही अपनी सैकड़ों संपत्तियों के रेट बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। आय बढ़ाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने लीज पर दी गई सारी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
आय बढ़ाने को लेकर गठित कमेटी के सुझाव के बाद नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने इन संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। शहर में नगर निगम की ऐसी करीब 1200 संपत्तियां हैं, जिन्हें लीज पर दिया गया है। इनमें माल रोड, लोअर बाजार समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित दुकानें, स्टॉल और जमीन शामिल है। निगम प्रशासन का कहना है कि जो संपत्तियां वर्तमान में लीज पर दी गई हैं, उनसे तो वर्तमान दर के तहत शुल्क वसूला जा रहा है। लेकिन सैकड़ों ऐसी संपत्तियां हैं, जो 1965 और 1972 से लेकर लीज पर चल रही हैं। इनकी लीज मनी भी बहुत कम है। ये काफी समय से नहीं बढ़ी है। यदि बढ़ी है तो उसकी दर बहुत कम है। कई दुकानें तो अभी भी पांच सौ रुपये से भी कम लीज शुल्क भर रही हैं। निगम ने इस्टेट ब्रांच को ऐसी संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा है, जिससे इनके लीज रेट वर्तमान दरों के हिसाब से बढ़ाए जा सकें।
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सबलेट करने वालों से होगी वसूली
शहर में निगम की ऐसी भी कई संपत्तियां हैं, जिनकी लीज रिन्यू नहीं की गई है। लोग अवैध तरीके से अभी भी इनका उपयोग कर रहे हैं। वहीं, निगम के पास इनका पुख्ता रिकॉर्ड न होने से ये लोग कार्रवाई से भी बच रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने निगम से लीज पर मिली दुकानों को आगे सबलेट कर दिया है। यह अवैध है। अब निगम रिन्यू न करने वालों और सबलेट कर पैसा कमाने वालों की पहचान कर इनसे वर्तमान दर के हिसाब से शुल्क की वसूली करेगा।

पार्किंग, पोस्टर साइट और यूजर चार्ज से भी बढ़ेगी कमाई
नगर निगम शहर की बड़ी पार्किंग को ठेके पर भी देने जा रहा है। हालांकि तीन बड़ी पार्किंग के लिए अब तक किए टेंडर के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल पाया है। ऐसे में अब टेंडर रेट कम कर पार्किंग ठेके पर देने की तैयारी है। इसके अलावा निगम शहर में ऐसी साइट्स की भी पहचान कर रहा है जहां पोस्टर लगाने की अनुमति देकर कमाई हो सकती है। करीब 100 नई साइट्स के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के तहत उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। रिकॉर्ड होने से निगम को पता चल सकेगा कि शहर में कितने घरेलू और कामर्शियल उपभोक्ता हैं। इनमें कौन गोलमाल कर कम शुल्क दे रहा है। इसके अलावा नगर निगम कार्यालय से कुछ लैंड लाइन नंबर बंद कर भी खर्च कम करने की तैयारी है।
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क्या कहते हैं आयुक्त
आय बढ़ाने को लेकर गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निगम ने काम करना शुरू कर दिया है। जिन स्रोतों से आय बढ़ सकती है, उनका रिकॉर्ड लिया जा रहा है। लीज पर दी गई संपत्तियों का भी रिकॉर्ड लिया जा रहा है।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त
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