अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मौसम के रुख में आए बदलाव के बाद जिला प्रशासन भी नींद से जाग गया है। सोमवार को आसमान में छाए बादल और बूंदाबांदी होने के बाद उपायुक्त शिमला ने जिला आपदा प्राधिकरण की बैठक बुला ली। एसडीएम शिमला, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, वन विभाग और बिजली बोर्ड समेत अन्य महकमों के अफसरों को बैठक के लिए दो बजे अपने दफ्तर में तलब कर दिया।
बैठक में आपदा प्रबंधन पर चाय की चुस्की के साथ चर्चा की गई। तय हुआ कि बर्फबारी के बाद राहत कार्यों के लिए पूरे शहर को पांच सेक्टरों में बांटा जाएगा, जिससे जल्द जनजीवन सामान्य हो सके। हैरत की बात यह रही कि शहर को सेक्टरों में तो बांट दिया लेकिन प्रशासन सेक्टर आफिसरों के नाम सार्वजनिक करने से बच रहा है। सेक्टरों में व्यवस्था बनाने और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन का कौन सा अफसर होगा, जिसे लोग फोन पर अपनी समस्याओं से अवगत करवा सकेंगे, इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया। पिछले साल भी जिला प्रशासन ने बर्फबारी के मद्देनजर शहर को सेक्टरों में बांटा था। लेकिन, विभागों में समन्वय न होने के कारण एक हफ्ते तक शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ा था। इस बार भी जिला प्रशासन की तैयारियां कमोबेश पिछली साल की तरह ही ढीली ढाली हैं। इससे साफ है कि शहर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो सेक्टर लेवल पर नोडल ऑफिसर भी तैनात कर दिए गए हैं लेकिन उनके नाम और फोन नंबर सार्वजनिक करने से जिला प्रशासन कतरा रहा है, जिससे लोग अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें परेशान न करें।
क्या कहते हैं डीसी शिमला
डीसी शिमला रोहन चंद का कहना है कि बर्फबारी के बाद जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए शहर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। बर्फबारी होने पर सभी प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर होंगे। लोग नगर निगम के कंट्रोल रूम में संपर्क कर अपनी शिकायतें बता सकते हैं। कंट्रोल रूम से संबंधित अफसरों को सूचित कर दिया जाएगा। विभागों में समन्वय की कोई कमी नहीं रहेगी।
पांच सेक्टरों में यह क्षेत्र शामिल
जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए सेक्टरों के तहत सेक्टर एक में संजौली, ढली, नालदेहरा, कुफरी, मशोबरा, बल्देयां और छोटा शिमला को शामिल किया गया है। सेक्टर दो में ढली संजौली, आईजीएमसी, लक्कड़ बाजार, विक्ट्री टनल, कैथू, ढली बाईपास, भराड़ी, चौड़ा मैदान, अनाडेल तथा एजी ऑफिस हैं। सेक्टर तीन में नेशनल हाइवे बाईपास वाया आईएसबीटी शोघी, बीसीएस, विक्ट्री टनल, चक्कर, बालूगंज, टुटू, नाभा, फागली, खलीनी, जतोग और विकास नगर होंगे। सेक्टर चार में विक्ट्री टनल, कार्ट रोड, छोटा शिमला, ओक ओवर, यूएस क्लब, रिज, होलीलॉज, जाखू, रिच माउंट, रामचंद्रा चौक, कमला नेहरू अस्पताल, हाईकोर्ट और डीसी ऑफिस को शामिल किया गया है। सेक्टर पांच के अंतर्गत छोटा शिमला, मैहली, कसुम्पटी, पंथाघाटी, सचिवालय और ब्राकहॉस्ट क्षेत्र होंगे।
नगर निगम गंभीर, इंतजाम शुरू
नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने बताया कि बर्फबारी होने पर सबसे पहले अस्पतालों के रास्तों से बर्फ हटाई जाएगी। आईजीएमसी जाने वाली सड़कों और कमला नेहरू अस्पताल की सड़क से सबसे पहले बर्फ हटाने के आदेश दिए गए हैं। बर्फबारी के बाद फिसलन रोकने के लिए सड़क किनारे रेत मिट्टी के ढेर भी लगा दिए गए हैं।
बर्फ हटाने के लिए जेसीबी से हटेंगे जॉ
बर्फबारी के बाद सड़क से बर्फ हटाने के दौरान टारिंग खराब न हो इसके लिए नगर निगम जेसीबी मशीनों से जॉ हटा देगा। ब्लेड की मदद से ही बर्फ हटाई जाएगी। निगम की आरएंडबी शाखा के अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता ने बताया कि सड़क से बर्फ हटाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं। टारिंग खराब न हो, इसके लिए खास ख्याल रखा जाएगा।