कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि सदन का अधिकार है कि उन्हें पता हो निरसन विधेयक का क्या फायदा और नुकसान है। सरकार को जल्दबाजी न करते हुए सेलेक्ट कमेटी बनानी चाहिए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मोदी सरकार को खुश करने के लिए यह विधेयक लाया गया है।
यह विधेयक उसी तरह का मामला बन रहा है जैसे पर्यटन निगम के होटलों को बेचने का प्रस्ताव पोर्टल डालने का था। नेता विपक्ष के इस बयान पर कानून मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब नए कानून बन गए हैं तो पुराने कानूनों का कोई औचित्य नहीं है।
गैर जरूरी कानूनों के हटने से आम लोगों को सेवाएं प्रदान करने में आसानी होगी। अनावश्यक प्रक्रिया एवं रिकार्ड से भी बचा जा सकेगा। इस दौरान मंत्री और नेता विपक्ष के बीच काफी गहमागहमी हुई। इसी बीच ध्वनिमत से विधेयक को पास कर दिया गया।
दी पंजाब स्मॉल टाउनज एक्ट 1934, दी पंजाब न्यू टाउनशिप फीस एक्ट 1950, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1954, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1964, दी पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एक्ट 1965, हिमाचल प्रदेश पशुधन और पक्षी रोग अधिनियम 1968, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1968, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1972, हिमाचल प्रदेश भूमि विकास अधिनियम 1973, हिमाचल प्रदेश ट्रैक्टर खेती अधिनियम 1972, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1973, हिमाचल प्रदेश भंडारण अधिनियम 1976, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1976, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 1978, आवश्यक वस्तु (हिमाचल प्रदेश संशोधन) अधिनियम 1986, विद्युत (प्रदाय) हिमाचल प्रदेश संशोधन अधिनियम 1999 संख्या चार, विद्युत (प्रदाय) हिमाचल प्रदेश संशोधन अधिनियम 1999 संख्या आठ, हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण (निरसन) अधिनियम 2009, हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) निरसन अधिनियम 2013 और हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम 2017 को प्रदेश सरकार ने निरस्त कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक 2019 भी पारित हो गया है। कानून मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बुधवार को संशोधन विधेयक को सदन पटल पर रखा। अब वकालतनामे में दस के बदले 25 रुपये की स्टैंप लगेगी।
इसके अलावा प्रदेश में काम कर रहे वकीलों की मृत्यु पर वित्तीय राशि 1.50 लाख से बढ़ाकर 2.25 लाख करने के अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित वकील को 25 हजार की जगह एक से दो लाख रुपये देने जैसे प्रावधान कर दिए हैं। मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में इस संशोधन को अनुमति प्रदान की गई थी।