अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नोटिस देने के बावजूद कई सालों से प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले शहर के नामी होटल मालिक अब टैक्स चुकाने को राजी हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी के पास इनकी पेशी क्या लगी, सभी दो माह के भीतर टैक्स देने के लिए तैयार हो गए।
पेशी के पहले ही दिन निगम ने 1.57 लाख रुपये टैक्स वसूली भी कर ली। इनमें विधायक बलवीर वर्मा भी शामिल हैं, जिन्हें 50 लाख रुपये टैक्स चुकाना है। नगर निगम आयुक्त के पास सोमवार को इनकी भी पेशी थी। विधायक खुद तो नहीं पहुंच पाए लेकिन इनके प्रतिनिधि जरूर आए। इन्होंने टैक्स सेटलमेंट को लेकर कोशिश भी की लेकिन निगम का कहना था कि टैक्स आकलन में कोई गड़बड़ी नहीं है। इसके बाद विधायक के नुमाइंदों ने मौके पर ही एक लाख रुपये टैक्स जमा करवा दिया। बाकी बचे टैक्स को 15 जनवरी तक भरने की बात भी कही है। इनके अलावा मल्याणा निवासी शेर सिंह ने भी आयुक्त कार्यालय में 57 हजार रुपये टैक्स जमा करवा दिया है। इस पेशी के दौरान नगर निगम की टैक्स शाखा के सचिव सुरेश शर्मा भी मौजूद रहे। मंगलवार को भी उन पांच भवनमालिकों को पेशी के लिए बुलाया गया है जिन्हें 50 हजार से अधिक का टैक्स चुकाना है।
होटल मालिकों ने मांगी राहत, किस्तों में देंगे टैक्स
ईस्ट बोर्न होटल ने भी 31 दिसंबर तक कुल 25 लाख में से 10 लाख रुपये टैक्स जमा करने का वायदा किया है। होटल मालिक मुकेश मल्होत्रा ने भी दो दिन के भीतर टैक्स के 11 लाख रुपये भरने की बात कही है। वहीं, महामाया होटल मालिक ने 15 दिसंबर तक साढ़े पांच लाख में से दो लाख रुपये टैक्स चुकाने का दावा किया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
50 हजार से अधिक राशि वाले टैक्स डिफाल्टर को पेशी के लिए बुलाया जा रहा है। विधायक समेत कई होटल मालिक टैक्स चुकाने को तैयार है। ये किस्तों में टैक्स की अदायगी करेंगे।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त शिमला