सिंचाई बंधु की बैठक में खाली रही जिपं अध्यक्ष की कुर्सी
रामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के तख्तापलट के बाद बुलाई गई सिंचाई बंधु की बैठक में अध्यक्ष की कुर्सी खाली पड़ी रही है। किसानों की समस्याएं सुनने वाले अधिकारी भी नदारद रहे। जो अधिकारी मौजूद थे उन्होंने भी समस्याओं को गंभीरता नहीं लिया। नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने और खराब नलकूपों के चालू कराने की बात कहकर किसान भी उठकर चले गए।
सिंचाई राज्यमंत्री बल्देव सिंह औलख के गृह जनपद में ही अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सिंचाई संबंधी समस्याओं के निराकरण को जिला पंचायत में बुलाई गई बैठक में कई अधिकारी नहीं पहुंचे। यह पहला मौका था कि जब अध्यक्ष की कुर्सी काली पड़ी रही। बाद में आसपास की कुर्सियों पर नहर और नलकूप विभाग के इंजीनियरों को बैठाया गया। चूंकि सिंचाई बंधु की बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष करते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हट चुके हैं। उनके स्थान पर जिलाधिकारी को प्रशासन बनाया गया है। लेकिन, बैठक में प्रशासक की हैसियत से जिलाधिकारी भी नहीं पहुंचे।
नहर विभाग के अधिशासी अभियंता भारतेंदु गौड़ ने बैठक की कार्यवाही शुरू की तो भाकियू के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद, चमरौवा ब्लाकाध्यक्ष विनोद यादव, वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल ने नहरों की सफाई, टेल तक पानी पहुंचाने, लकड़ी के अवैध कटान, रामगंगा कमांड में घपला और बंद नलकूपों को चालू कराने का मुद्दा उठाया। लेकिन, कोई भी अधिकारी संतुष्ट जवाब नहीं दे सका। लिहाजा किसान बैठक से उठकर चले गए। अधिशासी अभियंता का कहना है कि जो अधिकारी नहीं आए हैं उनकी सूची बनाई जाएगी।