स्कूलों में टीचरों की कमी का रोना रोने वाले शिक्षा विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। सिरमौर के शिलाई शिक्षा खंड से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने गए सात छात्रों के साथ 18 शिक्षकों का दल भेज दिया गया है। हैरत वाली बात यह है कि सात में से केवल दो खिलाड़ी सरकारी स्कूलों के हैं, पांच निजी स्कूलों से हैं।
सिरमौर जिले के इस शिक्षा खंड में लंबे समय से शिक्षकों का भारी टोटा होने का रोना विभाग रोता रहता है, लेकिन जब खिलाड़ियों के साथ शिक्षकों को भेजने की बारी आई तो विभाग ने दरियादिली दिखाई है। सात छात्रों के साथ दो-तीन नहीं बल्कि 18 शिक्षकों को रामपुर में हो रही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेज दिया गया।
शिक्षा विभाग के इस कारनामे की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। इधर, अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अभिभावकों का कहना है कि एक ओर जहां बच्चों की शीतकालीन परीक्षाएं सिर पर हैं वहीं दूसरी ओर पंचायती राज चुनाव में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी निश्चित है।
ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। सब कुछ जानते हुए भी विभाग 7 बच्चों के लिए 18 शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई। इससे जाहिर है कि विभाग में शिक्षा प्रणाली राम भरोसे ही चल रही है।
खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी शिलाई सुंदर सिंह ने बताया कि जिस समय प्रतियोगिता के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी थी उस समय वह नाहन में मौजूद थे। यह ड्यूटियां कार्यालय अधीक्षक की ओर से लगाई गई है। मामले की जांच की जाएगी।