अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में आर्किटेक्ट प्लानर (एपी) के पद पर दो अफसरों की तैनाती से मचे घमासान के बाद आखिरकार जूनियर अधिकारी मिस्टा पर गाज गिर गई। सरकार ने इस पद पर पहले नियुक्ति पाने वाले देविंद्र कुमार मिस्टा को वापस लोक निर्माण विभाग भेज दिया। इस तबादले से एपी के पद पर जारी सस्पेंस भी खत्म हो गया है।
मिस्टा कभी भाजपा और आरएसएस के काफी करीबी रह चुके हैं। साल 2003 में बतौर भाजपा पार्षद वह नाभा वार्ड से चुनाव जीते थे। इस साल मई में ही उन्होंने एपी के पद पर कार्यभार संभाला था। लेकिन बाद में सरकार ने इस पद पर वरिष्ठ अधिकारी राजीव शर्मा की तैनाती कर दी। मिस्टा को निगम में एपी से पदस्थापित कर सहायक टाउन प्लानर बनाया था।
अपनी डिमोशन होने के बाद मिस्टा ने सरकार से इसकी शिकायत की थी। लेकिन सरकार ने अब एपी पद पर तैनात किए वरिष्ठ अधिकारी राजीव शर्मा को तरजीह देते हुए मिस्टा का तबादला कर दिया। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद मिस्टा ने भी अपने तबादले की इच्छा जताई थी। तबादले के बाद अब मिस्टा ने लोनिवि में आर्किटेक्ट प्लानर के पद पर कार्यभार संभाल लिया है। वह पहले भी इसी पद पर तैनात थे। नगर निगम में वरिष्ठ अधिकारी राजीव शर्मा अब एपी की हर जिम्मेदारी संभालेंगे।