मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ उठाने के इच्छुक लोगों की सहायता के लिए ऑनलाइन पोर्टल आरंभ करेगी। इससे युवाओं का समय और धन की भी बचत होगी। गुरुवार को शिमला में स्वावलंबन योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में युवाओं को उद्यम स्थापित करने को यह योजना शुरू की है। इसके तहत शुरू में परियोजना लागत सीमा, जिसमें कार्यशील पूंजी 40 लाख रुपये थी, उसे वर्ष 2019-20 में बढ़ाकर 60 लाख रुपये किया गया है।
सरकार निवेश और मशीनरी पर 25 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है, जबकि महिलाओं को 30 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने योजना के तहत 45 वर्ष तक की आयु की विधवाओं को 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी तक इस योजना के तहत 1605 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत लाभार्थियों को 312 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस ऋण राशि पर 74.70 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया है। सीएम ने उपायुक्तों को जागरूकता अभियान शुरू करने और बैंकों को ऋणों की मंजूरी के लिए राजी करवाने के निर्देश दिए।
स्टार्टअप योजना के लाभार्थियों से भी की बातचीत
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप हिमाचल योजना के लाभार्थियों से भी बातचीत की। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से युवाओं की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत ऊना जिला के रविंद्र पराशर ने स्टार्ट-अप योजना के तहत अगरबत्ती बनाने की इकाई, जबकि सोलन जिला की ममता ने कंडाघाट में मशरूम प्रसंस्करण इकाई आरंभ की है। अश्वनी राठी ने बेकार पत्थरों पर आधारित उद्योग आरंभ किया है, जबकि सोलन जिला के राहुल चैहान एलईडी लाइट्स का अच्छा व्यापार कर रहे हैं।