अमर उजाला ब्यूूरो
शिमला। शहर में जीएसटी पंजीकृत कारोबारी ही इस बार शिमला व्यापार मंडल के चुनाव लड़ पाएंगे। कारोबारी अगर जीएसटी में पंजीकृत नहीं होंगे तो वह चुनाव मैदान में नहीं उतर सकेंगे।
इसके अलावा शॉप इस्टेबलिशमेंट एक्ट में पंजीकृत और व्यापार मंडल की सदस्यता होना भी अनिवार्य किया गया है। शिमला व्यापार मंडल ने जुलाई-अगस्त माह में होने वाले चुनाव के लिए इस बार यह नई शर्तें लगाई हैं। इससे पहले यह शर्तें नहीं थीं। साल 2017 में शिमला व्यापार मंडल के पंजीकृत होने के बाद कई नियम बनाए गए हैं। पंजीकरण के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं। शहर में 3200 से अधिक कारोबारी हैं जो शिमला व्यापार मंडल से जुड़े हैं। अभी तक इनमें से तीन सौ लोगों ने अपनी सदस्यता रिन्यू करवा दी है। सदस्यता शुल्क पांच सौ रुपये तय किया है। व्यापार मंडल का कहना है कि सदस्यता रिन्यू करवाए बिना इस बार कोई कारोबारी मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेगा। ऐसे में सभी छोटे बड़े कारोबारियों को सदस्यता रिन्यू करवाने और शुल्क जमा करने के लिए कहा जा रहा है। व्यापार मंडल 26 जुलाई के बाद खुद दुकानों पर जाकर कारोबारियों से सदस्यता शुल्क लेगा। जुलाई में आम सभा बुलाई जा रही है जो चुनाव की तारीख तय करेगी।
सदस्यता लेने का दिया जाएगा मौका
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि व्यापार मंडल ने तय किया है कि जीएसटी पंजीकृत कारोबारी ही चुनाव लड़ेंगे। चुनाव से पहले सभी को सदस्यता लेने का मौका दिया जाएगा। जल्द ही आम सभा भी बुलाई जा रही है।