फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईजीएमसी में चूहों का उत्पात, तीमारदारों पर कर रहे हमला

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

शिमला। आईजीएमसी में आजकल चूहों ने आतंक मचा रखा है। मरीजों की बीमारी से पहले से ही परेशान चल रहे तीमारदारों को आए दिन चूहे काट रहे हैं। यही नहीं कई डॉक्टरों को भी चूहे अपना शिकार बना चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन ने चूहों से निपटने के सौ उपाय कर लिए लेकिन चूहों के उत्पात से अभी तक निजात नहीं मिल पाई है।
अस्पताल में हालत यह हो गई है कि खुद डॉक्टर भी रैट बाइट का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर को इंजेक्शन तक लगवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में चूहों के काटने की समस्या सामने आने के बाद अब मरीज के तीमारदार खौफजदा हैं। तीमारदार रात के समय अस्पतालों में मरीजों के साथ अब चूहों की भी चौकीदारी करने में जुट गए हैं। अस्पताल में हाल ही में मंडी के सिराज के रहने वाले टेकचंद उपचार करवाने अस्पताल पहुंचे थे। घर में खाना बनाने के दौरान कुकर फट गया था। इसमें हाथ की उंगलियां चोटिल हो गई थीं। ग्यारह जून को इलाज के लिए उन्हें अस्पताल लाया गया इसके बाद डॉक्टरों ने उपचार दिया। इस बीच उनका भाई पूर्ण चंद साथ थे। पूर्ण चंद रात को मरीज के बिस्तर के नीचे सोए थे, इसी दौरान चूहे ने उन्हें पैर पर एक तरफ काट लिया। पूर्णचंद उठा तो पैर पर काटने के निशान थे। इसके बाद मरीज को कई इंजेक्शन अस्पताल में लगवाने पड़े। तीमारदार ने बताया कि ट्रॉमा वार्ड में सलाइन की पेटियां होने के कारण यहां पर चूहे आते हैं और लोगों को काट लेते हैं। करसोग के ताराचंद और नेपाल मूल के सागर ने कहा कि यहां चूहे घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले ही उन्हें संक्रमण से बचाव की ज्यादा जरूरत रहती है ऐसे में चूहों की मौजूदगी ज्यादा खतरनाक है। इसके अलावा इमरजेंसी, मेडिसन, सर्जरी और किचन में भी चूहे काफी संख्या में घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वार्ड में पसरी है गंदगी
ट्रॉमा वार्ड की हालत इस कदर खराब है कि यहां पर अंडर ग्राउंड जो पाइपें बिछाई थीं वह दीवारों के बाहरी हिस्से साफ नजर आती है। इन पाइपों पर जंक लगा हुआ है। वार्ड के कोनों में पर्याप्त सफाई व्यवस्था न होने के चलते यहां पर दुर्गंध भी फैली रहती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें